रोमन रेंस (Roman Reigns) आज WWE के सबसे बड़े सुपरस्टार हैं। 'द ट्राइबल चीफ' और 'हेड ऑफ द टेबल' के रूप में उन्होंने जो मुकाम हासिल किया है, वहां तक पहुंचना हर रेसलर का सपना होता है। लेकिन रोमन के लिए यह सफर इतना आसान नहीं था। विशेष रूप से रेसलमेनिया (WrestleMania) जैसे बड़े मंच पर, WWE मैनेजमेंट ने कई बार ऐसी गलतियां कीं, जिन्होंने रोमन के करियर को फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचाया।
इस लेख में हम उन 5 मौकों का गहराई से विश्लेषण करेंगे जब WWE ने रोमन रेंस को गलत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ खड़ा किया और इसका उनके करियर पर क्या असर पड़ा।
1. रेसलमेनिया 32: रोमन रेंस बनाम ट्रिपल एच (Triple H)
समस्या: प्रेडिक्टिबिलिटी और फैंस का गुस्सा
2016 में रोमन रेंस को कंपनी के अगले "फेस" (Babyface) के रूप में जबरदस्ती पुश किया जा रहा था। फैंस उन्हें 'अगला जॉन सीना' बनते हुए नहीं देखना चाहते थे।
गलती क्यों थी? ट्रिपल एच एक दिग्गज हैं, लेकिन उस समय फैंस रोमन रेंस के इतने खिलाफ थे कि वे एक 'हील' (Villain) ट्रिपल एच को चीयर कर रहे थे।
मैच का परिणाम: मैच काफी लंबा और धीमा था। जब रोमन ने जीत हासिल की, तो पूरे एरिना में बू (Booing) की आवाजें गूंज रही थीं।
बेहतर विकल्प क्या होता? अगर उस समय रोमन का मुकाबला डीन एम्ब्रोज़ या ब्रॉक लैसनर के साथ किसी अलग कहानी में होता, तो शायद फैंस का रिएक्शन अलग होता।
2. रेसलमेनिया 33: रोमन रेंस बनाम द अंडरटेकर (The Undertaker)
समस्या: 'डेडमैन' की विरासत और खराब मैच क्वालिटी
यह मैच इतिहास के सबसे विवादास्पद मैचों में से एक है। अंडरटेकर अपनी उम्र और चोटों के कारण रिंग में संघर्ष कर रहे थे।
गलती क्यों थी? फैंस अंडरटेकर को हारते हुए नहीं देखना चाहते थे, खासकर रोमन रेंस जैसे रेसलर से जिसे वे पहले से नापसंद कर रहे थे। मैच की क्वालिटी भी बहुत खराब रही क्योंकि दोनों के बीच तालमेल की कमी थी।
प्रभाव: मैच के बाद रोमन ने कहा था, "This is my yard now," जिससे फैंस और भी ज्यादा नाराज हो गए।
बेहतर विकल्प: अंडरटेकर का मुकाबला जॉन सीना से होना चाहिए था, जो फैंस का ड्रीम मैच था।
3. रेसलमेनिया 34: रोमन रेंस बनाम ब्रॉक लैसनर (Brock Lesnar)
समस्या: वही पुरानी कहानी (Repetitive Booking)
फैन्स ने रोमन और ब्रॉक को रेसलमेनिया 31 में देखा था, जो एक बेहतरीन मैच था। लेकिन रेसलमेनिया 34 तक आते-आते लोग इस दुश्मनी से ऊब चुके थे।
गलती क्यों थी? सबको पता था कि रोमन जीतने वाले हैं (हालांकि अंत में ब्रॉक जीते, जो और भी चौंकाने वाला और खराब फैसला था)। दर्शकों ने मैच के दौरान 'Boring' के नारे लगाए और बीच मैच में बीच बॉल्स (Beach balls) से खेलने लगे।
परिणाम: यह मैच साबित करता है कि सिर्फ स्टार पावर मैच को सफल नहीं बना सकती, कहानी में नयापन होना जरूरी है।
4. रेसलमेनिया 37 (नाइट 2): रोमन रेंस बनाम ऐज बनाम डैनियल ब्रायन
समस्या: ऐज की वापसी की कहानी को कमजोर करना
हालांकि यह मैच तकनीकी रूप से बहुत अच्छा था, लेकिन कहानी के नजरिए से यहाँ कुछ कमी थी।
गलती क्यों थी? ऐज ने रॉयल रंबल जीतकर अपनी वापसी की कहानी पूरी की थी। फैंस चाहते थे कि ऐज अपनी 'रिटायरमेंट से वापसी' की कहानी को वर्ल्ड टाइटल जीतकर खत्म करें। डैनियल ब्रायन को मैच में जोड़ना ऐज के मोमेंटम को कम करने जैसा था।
बेहतर विकल्प: यह मैच एक सिंगल्स मैच (Roman vs Edge) होना चाहिए था ताकि इमोशनल कनेक्ट बना रहे।
5. रेसलमेनिया 31: रोमन रेंस बनाम ब्रॉक लैसनर (शुरुआती बुकिंग)
समस्या: समय से पहले बड़ा पुश
भले ही सैथ रॉलिन्स के 'कैश-इन' ने इस मैच को बचा लिया, लेकिन मूल योजना रोमन को सीधे तौर पर ब्रॉक को हराकर चैंपियन बनाने की थी।
गलती क्यों थी? 2015 में रोमन रेंस सिंगल स्टार के रूप में तैयार नहीं थे। द शील्ड के टूटने के तुरंत बाद उन्हें 'सुपरमैन' की तरह दिखाना फैंस को रास नहीं आया।
सीख: इस मैच ने दिखाया कि अगर सैथ रॉलिन्स बीच में न आते, तो रोमन का करियर वहीं पटरी से उतर सकता था।