बॉलीवुड के 'एंग्री यंग मैन' कहे जाने वाले सनी देओल अपनी संजीदगी और पारिवारिक मूल्यों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में 'बॉर्डर 2' (Border 2) के एक विशेष कार्यक्रम के दौरान एक ऐसा पल आया जब सनी अपनी भावनाओं को काबू में नहीं रख पाए और उनकी आँखें नम हो गईं। यह पल तब आया जब उन्होंने अपने पिता, दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र और उनकी ऐतिहासिक फिल्म 'हकीकत' (Haqeeqat) का जिक्र किया।
पिता का संघर्ष और 'हकीकत' की प्रेरणा
सनी देओल ने साझा किया कि उनके लिए युद्ध पर आधारित फिल्मों का महत्व सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके पिता धर्मेंद्र की 1964 में आई क्लासिक फिल्म 'हकीकत' ने उनके जीवन और करियर पर गहरा प्रभाव डाला है।
सनी ने कहा:
"जब मैंने बचपन में 'हकीकत' देखी थी, तो उसने मेरे भीतर देशप्रेम की एक ऐसी ज्वाला जगाई जो आज भी बरकरार है। मेरे पिता ने जिस संजीदगी से उस फिल्म में एक फौजी का किरदार निभाया था, वही मेरी प्रेरणा बनी जब मैंने जेपी दत्ता की 'बॉर्डर' में मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी का किरदार निभाया।"
'बॉर्डर 2' और विरासत का भार
'बॉर्डर' के 27 साल बाद इसके सीक्वल की घोषणा करना सनी के लिए सिर्फ एक व्यावसायिक फैसला नहीं, बल्कि एक भावनात्मक सफर है। उन्होंने बताया कि 'बॉर्डर 2' के जरिए वे उसी विरासत को आगे ले जाना चाहते हैं जिसे उनके पिता ने 'हकीकत' से शुरू किया था। कार्यक्रम के दौरान जब स्क्रीन पर धर्मेंद्र की पुरानी क्लिप्स दिखाई गईं, तो सनी देओल अपने आँसू नहीं रोक सके। उन्होंने कहा कि उनके पिता हमेशा उनके सबसे बड़े हीरो और मार्गदर्शक रहेंगे।
सोशल मीडिया पर फैंस का रिएक्शन
इस इवेंट के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। फैंस सनी देओल की सादगी और अपने पिता के प्रति उनके प्यार की जमकर तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि सनी का यह मानवीय पक्ष उन्हें और भी बड़ा स्टार बनाता है।