इंदौर: राष्ट्रीय युवा दिवस पर किया गया सामूहिक सूर्य नमस्कार, मुख्यमंत्री चौहान ने किया शुभारंभ

इंदौर (मध्य प्रदेश) : राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर इंदौर के रुस्तमजी आर्म्ड पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज ग्राउंड, महेश गार्ड लाइन में सामूहिक सूर्य नमस्कार किया गया. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ।

स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर प्रत्येक वर्ष 12 जनवरी को 'राष्ट्रीय युवा दिवस' मनाया जाता है. कार्यक्रम में 4000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए हमें स्वामी विवेकानंद का अनुकरण करना चाहिए और उनके पद चिन्हों पर चलना चाहिए. उन्होंने यह कहकर जारी रखा कि हमें विवेकानंद को पढ़ना चाहिए क्योंकि वह हमें हर दिन कुछ करने को प्रेरित करते हैं.

उन्होंने कहा कि हमें विवेकानंद की पहली बात सीखनी चाहिए "तुम कौन हो?" इसके जवाब में उन्होंने स्वामी विवेकानंद के इस कथन का उल्लेख किया कि मनुष्य बच्चों के लिए साढ़े 3 हाड मास के पुतले से कई बढ़कर है.

वह 'अमृत' के पुत्र हैं, एक दिव्य प्राणी, शाश्वत सुख के भागीदार और अनंत शक्तियों के भंडार हैं. मनुष्य संसार में कोई भी काम करने में सक्षम है. उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसा कोई काम नहीं है जो मनुष्य नहीं कर सकता.

उन्होंने छात्रों से सामान्य जीवन ना जीने और कुछ महान करने को कहा. आगे उन्होंने कहा कि यदि शरीर में शक्ति होगी तो ही जीवन में महान कार्य किया जा सकता है. हालांकि, शरीर में मजबूती के लिए रोज योग करना चाहिए. उन्होंने अलग-अलग आसन करने के बजाय सूर्य नमस्कार करने की सलाह दी.

इसके अलावा विभिन्न संस्थाओं व संस्थाओं में सूर्य नमस्कार का आयोजन किया गया. इस दिन देशभर में सामूहिक सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.

स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर प्रत्येक वर्ष 12 जनवरी को 'राष्ट्रीय युवा दिवस' मनाया जाता है. कार्यक्रम में 4000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए हमें स्वामी विवेकानंद का अनुकरण करना चाहिए और उनके पद चिन्हों पर चलना चाहिए. उन्होंने यह कहकर जारी रखा कि हमें विवेकानंद को पढ़ना चाहिए क्योंकि वह हमें हर दिन कुछ करने को प्रेरित करते हैं.

उन्होंने कहा कि हमें विवेकानंद की पहली बात सीखनी चाहिए "तुम कौन हो?" इसके जवाब में उन्होंने स्वामी विवेकानंद के इस कथन का उल्लेख किया कि मनुष्य बच्चों के लिए साढ़े 3 हाड मास के पुतले से कई बढ़कर है.

वह 'अमृत' के पुत्र हैं, एक दिव्य प्राणी, शाश्वत सुख के भागीदार और अनंत शक्तियों के भंडार हैं. मनुष्य संसार में कोई भी काम करने में सक्षम है. उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसा कोई काम नहीं है जो मनुष्य नहीं कर सकता.

उन्होंने छात्रों से सामान्य जीवन ना जीने और कुछ महान करने को कहा. आगे उन्होंने कहा कि यदि शरीर में शक्ति होगी तो ही जीवन में महान कार्य किया जा सकता है. हालांकि, शरीर में मजबूती के लिए रोज योग करना चाहिए. उन्होंने अलग-अलग आसन करने के बजाय सूर्य नमस्कार करने की सलाह दी.

इसके अलावा विभिन्न संस्थाओं व संस्थाओं में सूर्य नमस्कार का आयोजन किया गया. इस दिन देशभर में सामूहिक सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.

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