एमपी के किसानों को 300 करोड़ की बड़ी सौगात: भावांतर योजना की पहली किस्त जारी

Bhavantar Bhugtan Yojana: सोयाबीन उत्पादक 1.32 लाख किसानों के खातों में सीधे ट्रांसफर होगी भावांतर राशि.
 
एमपी

Bhavantar Yojana Update 2025: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने भावांतर भुगतान योजना (Bhavantar Bhugtan Yojana) के तहत प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को 300 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी करने का निर्णय लिया है। यह राशि सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में डाली जाएगी, जिससे उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।

​कब और कहाँ होगा राशि का वितरण?
​मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 नवंबर को देवास जिले में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम से सिंगल क्लिक के माध्यम से यह राशि किसानों के खातों में ट्रांसफर करेंगे।
​राशि: 300 करोड़ रुपये (कुछ स्रोतों में ₹233 करोड़ भी उल्लेखित है)
​लाभार्थी किसान: लगभग 1.32 लाख सोयाबीन उत्पादक किसान
​ट्रांसफर मोड: डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खातों में
​ क्या है भावांतर भुगतान योजना?
​भावांतर भुगतान योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी फसल की बिक्री पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और मंडी के मॉडल भाव के अंतर की राशि प्रदान करके आर्थिक सुरक्षा देना है। इस योजना के तहत:
​उद्देश्य:
सोयाबीन की फसल के लिए किसानों को मंडी में एमएसपी से कम रेट मिलने पर, उन्हें राज्य सरकार द्वारा एक निश्चित मॉडल रेट और बिक्री मूल्य के बीच का अंतर दिया जाता है।
​पात्रता:
यह लाभ उन पंजीकृत किसानों को मिलेगा जिन्होंने 3 से 17 अक्टूबर तक अपनी सोयाबीन फसल को पंजीकृत कराकर मंडियों में बेचा है।
​लाभ की गणना: भावांतर राशि की गणना मॉडल रेट (जो दैनिक रूप से घोषित होता है) और किसान द्वारा मंडी में बेचे गए वास्तविक विक्रय मूल्य के अंतर के आधार पर की जाती है। उदाहरण के लिए, 12 नवंबर को सोयाबीन के लिए मॉडल रेट 4077 रुपये प्रति क्विंटल जारी किया गया था।
​पंजीकरण: इस योजना के तहत राज्य में कुल 9.36 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया है।
किसानों के लिए आवश्यक निर्देश
​सरकार ने स्पष्ट किया है कि राशि का सीधा लाभ सुनिश्चित करने के लिए कुछ बातें अनिवार्य हैं:
​आधार लिंकिंग: किसानों का बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक (Aadhaar Seeding) होना अनिवार्य है, क्योंकि भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जा रहा है।
​खाता सत्यापन: किसानों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि भावांतर योजना में उनका अकाउंट नंबर सही दिया गया हो और बैंक खाते के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी हो।
​राहत राशि में कटौती: जिन किसानों को पूर्व में प्राकृतिक आपदा राहत राशि मिली है, उनकी भावांतर राशि में से 25 प्रतिशत अंतर राशि की कटौती होगी, यानी उन्हें 75 प्रतिशत अंतर राशि का ही भुगतान किया जाएगा।

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