रीवा से 50 हजार का इनामी कथित गांजा तस्कर गिरफ्तार, उड़ीसा पुलिस की कार्रवाई से ऑपरेशन प्रहार 2.0 पर उठे सवाल

रीवा में उड़ीसा क्राइम ब्रांच ने 50 हजार रुपये के इनामी कथित गांजा तस्कर आदित्य मिश्रा को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद ऑपरेशन प्रहार 2.0 की प्रभावशीलता पर सवाल उठे। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
 
मध्य

मध्य प्रदेश के रीवा शहर में बुधवार सुबह उस समय हलचल मच गई जब उड़ीसा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी कथित गांजा तस्कर आदित्य मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को शहर के गड्डी रोड स्थित रिंग रोड के पास एक मकान से हिरासत में लिया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उसकी स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त कर ली।

इस गिरफ्तारी के बाद रीवा पुलिस के नशा विरोधी अभियान "ऑपरेशन प्रहार 2.0" की कार्यप्रणाली और प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि जिस आरोपी की लंबे समय से तलाश की जा रही थी, उसे पड़ोसी राज्य की पुलिस ने रीवा में आकर गिरफ्तार कर लिया।

सुबह 5 बजे हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार उड़ीसा पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम कई दिनों से आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। पुख्ता सूचना मिलने के बाद टीम बुधवार सुबह करीब पांच बजे रीवा पहुंची और गड्डी रोड स्थित रिंग रोड के पास एक मकान पर दबिश दी। पुलिस ने बिना किसी बड़े विरोध के आरोपी आदित्य मिश्रा को हिरासत में ले लिया।

कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से एक स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त किया गया, जिसे जांच का हिस्सा बनाया गया है।

बिछिया थाना पहुंची उड़ीसा पुलिस

गिरफ्तारी के बाद उड़ीसा पुलिस आरोपी को लेकर बिछिया थाना पहुंची, जहां स्थानीय पुलिस को कार्रवाई की जानकारी दी गई। इसके बाद आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं।

न्यायालय में पेश करने के बाद उड़ीसा पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया और आरोपी को आगे की पूछताछ के लिए अपने साथ उड़ीसा ले गई।

कई मामलों में दर्ज है नाम

पुलिस अभिलेखों के अनुसार आदित्य मिश्रा के खिलाफ रीवा और मऊगंज जिले के विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।

हालांकि पुलिस ने अभी तक उसके खिलाफ दर्ज सभी मामलों का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन जांच एजेंसियां उसके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं।

ऑपरेशन प्रहार 2.0 पर उठे सवाल

आदित्य मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद सबसे अधिक चर्चा रीवा पुलिस के नशा विरोधी अभियान ऑपरेशन प्रहार 2.0 को लेकर हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोपी लंबे समय से रीवा में मौजूद था तो स्थानीय पुलिस उसे गिरफ्तार क्यों नहीं कर सकी। वहीं उड़ीसा पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर सीधे कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

यही कारण है कि अभियान की प्रभावशीलता को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

पुलिस ने कहा- स्थानीय स्तर पर पूरा सहयोग दिया गया

बिछिया थाना प्रभारी मनीषा उपाध्याय ने उड़ीसा पुलिस की कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि स्थानीय पुलिस को कार्रवाई की जानकारी दी गई थी और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग प्रदान किया गया।

उन्होंने कहा कि संबंधित जांच उड़ीसा पुलिस द्वारा की जा रही है और आगे की कार्रवाई भी वहीं की जाएगी।

1 जुलाई से शुरू होगा ऑपरेशन प्रहार 2.0 का दूसरा चरण

इस पूरे घटनाक्रम के बीच रीवा पुलिस ने नशे के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करने की तैयारी कर ली है।

रीवा जोन में 1 जुलाई से ऑपरेशन प्रहार 2.0 का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और पूरे नेटवर्क को समाप्त करना है।

आईजी ने दिए सख्त निर्देश

रीवा जोन के आईजी गौरव राजपूत के निर्देशन में चलाए जाने वाले इस अभियान के तहत सभी जिलों की पुलिस को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।

अधिकारियों के अनुसार यदि किसी थाना या चौकी क्षेत्र में अवैध नशे का कारोबार संचालित पाया जाता है तो संबंधित थाना प्रभारी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

इस निर्णय को पुलिस की जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नशा तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान

मध्य प्रदेश और पड़ोसी राज्यों की पुलिस पिछले कुछ वर्षों से गांजा और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है।

उड़ीसा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले मार्गों का उपयोग कई बार तस्करी के लिए किए जाने की बात सामने आती रही है। इसी कारण विभिन्न राज्यों की पुलिस संयुक्त रूप से भी कार्रवाई करती रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराज्यीय समन्वय बढ़ने से ऐसे मामलों में बड़ी सफलता मिलने की संभावना रहती है।

अंतरराज्यीय समन्वय की मिसाल

आदित्य मिश्रा की गिरफ्तारी को अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय का एक उदाहरण भी माना जा रहा है।

जब किसी आरोपी की गतिविधियां एक से अधिक राज्यों में फैली होती हैं, तब विभिन्न राज्यों की पुलिस के बीच सूचना साझा करना और संयुक्त कार्रवाई करना बेहद आवश्यक हो जाता है।

इस कार्रवाई ने यह भी स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

आगे क्या होगी कार्रवाई

उड़ीसा पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि कथित गांजा तस्करी का नेटवर्क किन राज्यों तक फैला हुआ था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

यदि पूछताछ में अन्य राज्यों से जुड़े इनपुट सामने आते हैं तो संबंधित पुलिस इकाइयों को भी जानकारी साझा की जा सकती है। इसके आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर जानकारी

पुलिस का कहना है कि आरोपी पर दर्ज मामलों और घोषित इनाम संबंधी जानकारी पुलिस अभिलेखों के आधार पर है। जांच पूरी होने और न्यायालय में सुनवाई के बाद ही आरोपों का अंतिम कानूनी निष्कर्ष सामने आएगा।

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