21वीं सदी के आधुनिक दौर में भी अंधविश्वास की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका एक खौफनाक उदाहरण मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में देखने को मिला है। जिले के जियावन थाना अंतर्गत लोहरा गांव में जादू-टोने और तंत्र-मंत्र के संदेह में एक महिला और एक पुरुष की निर्मम हत्या कर दी गई। इस दोहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
क्या है पूरा मामला?
घटना सोमवार (9 फरवरी 2026) की रात की बताई जा रही है, जिसका खुलासा मंगलवार सुबह हुआ। मृतकों की पहचान फुलकुमारी सिंह गौड़ (45) और केमला सिंह (50) के रूप में हुई है। हमलावर ने दोनों पर कुल्हाड़ी और अन्य धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
ग्रामीणों ने जब सुबह खून से लथपथ शव देखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को घटनास्थल से नारियल, अगरबत्ती और पूजा-पाठ की अन्य सामग्री मिली है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि इस हत्याकांड को अंजाम देने के पीछे कोई तांत्रिक अनुष्ठान या गहरा अंधविश्वास छिपा था।
पुरानी रंजिश और टोटके का शक
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी को संदेह था कि मृतक 'ओझा' का काम करते थे और उनके जादू-टोने की वजह से आरोपी के परिवार में बीमारियां या अन्य परेशानियां आ रही थीं। इसी रंजिश के चलते उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मुख्य संदिग्ध को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है।
पुलिस की कार्रवाई
जियावन थाना पुलिस के अनुसार, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला स्पष्ट रूप से अंधविश्वास और व्यक्तिगत रंजिश का मिश्रण है।