सिल्लीगुडी के जंगल से आधी रात्रि फिर प्रकट हुए बोका गुरु
बिना किसी सूचना के आधी रात्रि होती है चमत्कारी भीड़ । महिलाओं की भीड़ सबसे अधिक.
Sun, 27 Jul 2025

रीवा सावन के महीने में फिर दिखे बोका गुरु विगत दो दशक से आसाम के सिलीगुड़ी के घने जंगल से पद यात्रा कर सावन के महीने में आने वाले संत बोका गुरु फिर इस बार शिवराजपुर के जंगल के बाद देवतलाब के शिव मंदिर भ्रमण करते हुए मनगवॉ के उर्मलिया हाऊस के पीछे एकांतवास पहुँचे बताया जाता है कि साल मे एक बार सावन के महीने में बोका गुरू यहाँ पहुँचते हैं और इनके पहुँचने का टाइम कोई निर्धारित नहीं होता है लेकिन बोका गुरु के आने की आहट पहले से ही चमत्कारी तरीक़े से यहाँ के लोगों को मिल जाती है इनके भक्तों का मानना है की बोका गुरु अक्सर ही सावन के अंतिम पड़ाव पर पहुंचते हैं और *जब भी यहाँ आए गे तो तेज हवा के साथ बारिश का होना निश्चित होता है* और इस बार भी कुछ इसी तरह हुआ है बोका गुरु आधी रात्रि से भोर होने के पहले तक ही प्रकट होते है इस बीच ही कुछ घंटों तक रह कर श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं इनके दर्शन करने महिलाओं की भीड सर्वाधिक देखी जाती है बडी बात तो यह है की बोका गुरु के आने का दिन समय किसी प्रकार तय नहीं है सूचना का माध्यम शोषल मीडिया इंटर नेट नही होता वाबजूद भीड़ इस तरह की जैसे पूर्व में सूचना का दिन समय तय हो यह भी एक चमत्कार है बोका गुरु दर्शन आशीर्वाद देकर विलुप्त हो जाते हैं। कब आते है और कब चले जाते हैं किसी को दिखाई नहीं देते है यह भी एक चमत्कार होता है। बोका गुरु के दर्शन से कई तरह के लाभ होते हैं कठिन व असाध्य रोगों को चमत्कारी तरीक़े से ठीक होना आँखों की रोशनी लौट आती है यही विशेष खासियत है लोगों के मनोकामनाएँ जरुर पूरी होती है । फ़िलहाल बोका गुरु मनगवां के उर्मलिया हाउस के पीछे एकांत वास में दर्शन देकर रात्रि में ही शिवराजपुर कि घने जंगल होते हुए सिल्ली गुडी के जंगल की ओर वापस जाने की ख़बर है ।
*फ़ोटो वीडियो क्लिक करने पर सक्त नराज होते हैं ।…..*
कैमरे या मोबाइल में तस्वीर खींचने से बोका गुरु का सक्त परहेज है यदि किसी ने फोटो क्लिक करने की कोशिश की तो बोका गुरु भयंकर तरीक़े से नाराज़ होते हैं फिर क्या फ़ोटो खींचने वालो की दुर्गति शुरु हो जाती है इस लिए किसी की मजाल क्या की फ़ोटो वीडियो ले। बोका गुरु अकेले ही पहुँचे हे कोई संत य चेला साथ मे नही रहता इनके कई अलग- अलग भेष होते है।