एक्शन में आए कलेक्टर साहब! शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कई अधिकारी-कर्मचारी निलंबित, वेतनवृद्धि भी रोकी

Ashok Nagar collector MP News: लापरवाहों पर गिरी गाज, मुरैना से लेकर अशोकनगर तक कलेक्टरों ने दिखाया सख्त रुख; सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर भी तेज़ कार्रवाई के निर्देश.
 
Collector
MP News : प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रशासनिक जवाबदेही को सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टरों ने अब 'सुपर एक्शन मोड' अपना लिया है। हाल ही में अशोकनगर से लेकर मुरैना और गुना तक, कई कलेक्टरों ने औचक निरीक्षण और वीडियो कॉल के माध्यम से कर्मचारियों-अधिकारियों की कार्यप्रणाली की जांच की और शासकीय कार्यों में लापरवाही, मुख्यालय से अनुपस्थिति या ड्यूटी के प्रति उदासीनता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में न केवल कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, बल्कि कुछ मामलों में उनकी वेतनवृद्धि भी रोकी गई है।
​अशोकनगर कलेक्टर का औचक निरीक्षण और बड़ी कार्रवाई
​अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह ने चंदेरी क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शासकीय कार्यों में गंभीर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की।
​निलंबन: ग्राम पंचायत डुंगासरा के सचिव सत्यपाल सिंह पंवार को मुख्यालय पर उपस्थित न पाए जाने के कारण निलंबित किया गया। इसी प्रकार, ग्राम जारसल और जारसल चक्क में आंगनवाड़ी केंद्र समय पर न खुलने और बच्चों को नाश्ता न मिलने की शिकायत पर पर्यवेक्षक सदमा बानो को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
​वेतनवृद्धि रोकी: ग्राम जारसल चक्क के पटवारी कुलदीप सोलंकी और ग्राम जारसल के सचिव राजेंद्र सिंह के मुख्यालय से अनुपस्थित रहने के कारण उनकी वेतनवृद्धि रोकने का आदेश जारी किया गया है।
​मुरैना में 'वीडियो कॉल' से कलेक्टर का छापा
​मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने प्रशासनिक व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए एक अनूठा तरीका अपनाया। उन्होंने अचानक वीडियो कॉल के जरिए ग्राम पंचायतों में पटवारी और सचिव/जीआरएस (ग्राम रोजगार सहायक) की उपस्थिति की जांच की।
​निलंबन की लंबी सूची: कलेक्टर ने बानमौर, पोरसा, मुरैना ग्रामीण, शहर, अम्बाह, सबलगढ़, कैलारस और जौरा के कुल 8 पटवारियों को उनके निर्धारित मुख्यालय पर अनुपस्थित पाए जाने के बाद तत्काल निलंबित कर दिया।
​सचिव और जीआरएस पर भी कार्रवाई: विभिन्न जनपद पंचायतों के 5 सचिव/जीआरएस (नरेश सिंह तोमर, हाकिम जाटव, सौरभ सिकरवार, रामरूप कुशवाह और नरेश) को भी अनुपस्थिति के कारण निलंबित किया गया।
​कलेक्टर ने निर्देश दिए थे कि पटवारी सप्ताह में दो दिन (सोमवार और गुरुवार) और सचिव/जीआरएस सप्ताह में पाँच दिन अनिवार्य रूप से पंचायत भवन में बैठकर जनसुनवाई करें। इन निर्देशों के पालन में गंभीर लापरवाही सामने आई। कलेक्टर के इस सख्त तेवर की जिले में खूब चर्चा है।
​गुना में चुनावी कार्यों में लापरवाही पर निलंबन
​गुना जिले में चुनावी कार्य (SIR) में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर ने तीन बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर दिया। निलंबित कर्मचारियों में संजीत इक्का, विष्णुप्रसाद पुष्पध और वीरेन्द्र साहू शामिल हैं, जिन्होंने अपना काम शुरू नहीं किया और मोबाइल भी बंद रखे।
​सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर फोकस
​कलेक्टरों ने सभी विभागों को सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों का तेजी से निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। मुरैना कलेक्टर ने साफ किया है कि प्रदेश स्तर की रैंकिंग 20 तारीख के आस-पास जारी होती है, इसलिए अगले दस दिनों में लंबित प्रकरणों का तेजी से निपटारा किया जाए ताकि जिला शीर्ष-5 में स्थान हासिल कर सके।
​सरकार का कड़ा संदेश
​मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी पूर्व में समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम के दौरान सख्त तेवर दिखाए थे और कहा था कि शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जनता के प्रति जवाबदेही और कर्तव्यों का निर्वहन समय पर करने पर जोर दिया था।
​यह कार्रवाई दर्शाती है कि राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन अब जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रहे हैं, जहां लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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