मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बंद कमरे में चल रही शराब पार्टी के दौरान एक कांस्टेबल की गोली लगने से मौत हो गई। इस सनसनीखेज घटना में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कांस्टेबल की जान लेने वाला कोई दुश्मन नहीं, बल्कि उसका जिगरी दोस्त निकला। पुलिस ने मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना के दौरान आरोपी की अवैध पिस्टल से चली गोली कांस्टेबल की कनपटी में जा लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
यह पूरा मामला रीवा शहर से सटे समान थाना क्षेत्र के गड़रिया गांव का है। मृतक की पहचान राकेश पटेल के रूप में हुई है, जो मैहर जिले के रामनगर थाने में कांस्टेबल के पद पर पदस्थ था। बताया जा रहा है कि कांस्टेबल राकेश पटेल अपने बच्चे की तबीयत खराब होने के कारण छुट्टी लेकर घर आया हुआ था। इसी दौरान उसके करीबी दोस्त राकेश तिवारी को उसके घर आने की जानकारी मिली और उसने कांस्टेबल को अपने घर बुला लिया।
दोस्ती की महफिल बनी मौत की वजह
पुलिस के अनुसार रविवार और सोमवार की दरमियानी रात दोनों दोस्त राकेश तिवारी के घर में मौजूद थे। घर के एक बंद कमरे में दोनों शराब पार्टी कर रहे थे। रात लगभग 2 बजे अचानक कमरे के अंदर से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर घर के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे तो देखा कि कांस्टेबल राकेश पटेल जमीन पर खून से लथपथ पड़ा हुआ था और गोली उसकी कनपटी में लगी थी।
घटना के बाद आरोपी के परिजन घायल कांस्टेबल को तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद आरोपी हुआ फरार
घटना के तुरंत बाद आरोपी राकेश तिवारी मौके से फरार हो गया था। इससे मृतक के परिजनों का शक और गहरा गया। परिवार ने आरोप लगाया कि आरोपी ने पार्टी के बहाने राकेश पटेल को घर बुलाया और उसकी हत्या कर दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रीवा एसपी ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कीं। पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। आखिरकार बुधवार देर शाम समान थाना पुलिस ने आरोपी राकेश तिवारी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की जांच में क्या सामने आया?
पुलिस की शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि गोली आरोपी की अवैध पिस्टल से चली थी। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गोली जानबूझकर चलाई गई या यह हादसा था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना के दौरान आरोपी अपने दोस्त को अवैध पिस्टल दिखा रहा था। इसी दौरान हथियार में फंसी गोली अचानक चल गई और सीधे कांस्टेबल की कनपटी में जा लगी।
यदि यह सच है तो यह मामला हत्या से ज्यादा लापरवाही और अवैध हथियार रखने से जुड़ा गंभीर अपराध बन सकता है।
थाना प्रभारी ने क्या कहा?
समान थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि वारदात में इस्तेमाल हुई अवैध पिस्टल को घटनास्थल से बरामद कर लिया गया है।
उन्होंने कहा—
"आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ जारी है। घटना के पीछे की असल वजह पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी के पास अवैध पिस्टल कहां से आई।"
अवैध हथियारों पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर रीवा जिले में अवैध हथियारों की उपलब्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर अवैध हथियार अपराधियों के पास पाए जाते हैं, लेकिन इस मामले में आरोपी के पास पिस्टल होना कई गंभीर सवाल पैदा करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में अवैध हथियारों का कारोबार लंबे समय से सक्रिय है, लेकिन कार्रवाई सीमित रहती है।
मृतक कांस्टेबल के परिवार में मातम
कांस्टेबल राकेश पटेल की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। वह परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य बताए जा रहे हैं।
परिजनों का कहना है कि राकेश छुट्टी लेकर केवल अपने बीमार बच्चे को देखने घर आया था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वह वापस जिंदा नहीं लौटेगा।
गांव में भी इस घटना के बाद शोक का माहौल है।
पुलिस के सामने कई सवाल
अब पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं—
क्या गोली सच में गलती से चली?
क्या दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था?
आरोपी के पास अवैध पिस्टल कहां से आई?
क्या इसमें किसी और की भी भूमिका है?
इन सभी सवालों के जवाब पुलिस पूछताछ और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद सामने आएंगे।
आगे क्या?
पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी कर रही है ताकि उससे गहराई से पूछताछ की जा सके। साथ ही पिस्टल के स्रोत का पता लगाने के लिए भी जांच तेज कर दी गई है।
फिलहाल रीवा की यह घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। एक दोस्ती, जो विश्वास की मिसाल होनी चाहिए थी, वही एक कांस्टेबल की मौत की वजह बन गई।