मध्य प्रदेश की आठ सिंचाई परियोजनाओं को मिली केंद्र से सहमति
मध्य प्रदेश की आठ सिंचाई परियोजनाओं को केंद्र से सहमति मिल गई है। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर इन परियोजनाओं की वन एवं पर्यावरण स्वीकृति के लिए पत्र दिया। सहमति मिलने के बाद अब इन परियोजनाओं पर तेजी से काम होगा।
Sat, 19 Jul 2025

मध्य प्रदेश में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए प्रस्तावित परियोजनाओं पर अब तेजी के साथ काम होगा। प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से आठ सिंचाई परियोजनाओं की वन एवं पर्यावरण स्वीकृति के लिए पत्र दिया। उन्होंने तत्काल सहमति देते हुए अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
जल संसाधन मंत्री सिलावट ने बताया कि खेती को लाभकारी बनाकर किसानों की आय में वृद्धि बनाने का जो सपना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देखा है, उसे पूरा करने में सिंचाई परियोजनाओं की बड़ी भूमिका है। जल संसाधन विभाग इस दिशा में तेजी के साथ काम कर रहा है।
मंत्रालय से सहमति थी जरूरी
इस दृष्टि से मां रतनगढ़ बहुउद्देशीय परियोजना डबरा (दतिया), लोअर ओर वृहत परियोजना (अशोक नगर एवं शिवपुरी), चेंटीखेड़ी परियोजना और मुंझिरी वृहत परियोजना (श्योपुर), कोपरा मध्यम सिंचाई परियोजना (सागर), छिंदवाड़ा कंपलेक्स बैलेंसिंग जलाशय (छिंदवाड़ा), सोनखेड़ी लघु सिंचाई परियोजना (बड़वानी) और दाममखेड़ा लघु सिंचाई योजना (खरगोन) तैयार की गई हैं। इनके लिए केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से वन एवं पर्यावरण संबंधी सहमति आवश्यक थी, जिस पर सहमति दी गई है।