PPF, सुकन्या समृद्धि और SCSS पर सरकार का बड़ा फैसला, 1 जुलाई से लागू हुईं नई ब्याज दरें; जानें किस योजना में कितना मिलेगा रिटर्न

केंद्र सरकार ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए PPF, सुकन्या समृद्धि योजना, NSC, SCSS और अन्य स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरें यथावत रखी हैं। जानें सभी योजनाओं की नई ब्याज दरें और निवेशकों पर इसका असर।
 
Sukanya

केंद्र सरकार ने करोड़ों निवेशकों को राहत देते हुए वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (1 जुलाई से 30 सितंबर 2026) के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों को यथावत रखने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC), सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS), किसान विकास पत्र (KVP) सहित सभी प्रमुख छोटी बचत योजनाओं पर पहले जितनी ब्याज दर मिल रही थी, वही आगे भी जारी रहेगी।

वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार नई ब्याज दरें 1 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेंगी। लगातार कई तिमाहियों से सरकार ने इन योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।

स्मॉल सेविंग्स स्कीम क्या हैं?

स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स भारत सरकार द्वारा संचालित सुरक्षित निवेश योजनाएं हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य आम नागरिकों में बचत की आदत को बढ़ावा देना और उन्हें सुरक्षित निवेश का विकल्प उपलब्ध कराना है।

इन योजनाओं में निवेश करने वालों को सरकार की गारंटी मिलती है। इसलिए जोखिम लगभग शून्य माना जाता है।

जुलाई-सितंबर 2026 के लिए ब्याज दरें

योजना

ब्याज दर

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)

7.1%

सुकन्या समृद्धि योजना

8.2%

सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम

8.2%

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट

7.7%

किसान विकास पत्र

7.5%

पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम

7.4%

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (1 वर्ष)

6.9%

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (2 वर्ष)

7.0%

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (3 वर्ष)

7.1%

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (5 वर्ष)

7.5%

5 वर्षीय रिकरिंग डिपॉजिट

6.7%

PPF क्यों है सबसे लोकप्रिय?

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) भारत की सबसे लोकप्रिय लंबी अवधि की निवेश योजनाओं में शामिल है।

इसकी प्रमुख विशेषताएं—

सरकार की गारंटी

15 वर्ष की अवधि

आयकर लाभ

ब्याज और मैच्योरिटी राशि टैक्स फ्री

कंपाउंडिंग का लाभ

PPF में हर वर्ष न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है।

सुकन्या समृद्धि योजना की खासियत

सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।

इस योजना में—

सबसे अधिक ब्याज दरों में से एक

टैक्स लाभ

लंबी अवधि में बड़ा फंड

शिक्षा और विवाह के लिए उपयोगी

यह योजना माता-पिता के बीच काफी लोकप्रिय है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर विकल्प

सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) सेवानिवृत्त लोगों के लिए सबसे आकर्षक योजनाओं में से एक मानी जाती है।

इसके प्रमुख लाभ—

ऊंची ब्याज दर

नियमित आय

सरकारी सुरक्षा

टैक्स लाभ

NSC में निवेश क्यों करें?

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) उन निवेशकों के लिए अच्छा विकल्प है जो सुरक्षित निवेश के साथ निश्चित रिटर्न चाहते हैं।

इसके लाभ—

निश्चित ब्याज

सरकार की गारंटी

आयकर लाभ

ग्रामीण क्षेत्रों में भी उपलब्ध

किसान विकास पत्र

किसान विकास पत्र (KVP) भी सुरक्षित निवेश का लोकप्रिय विकल्प है।

इसमें निवेश की राशि निर्धारित समय में लगभग दोगुनी हो जाती है।

सरकार ब्याज दरें कैसे तय करती है?

सरकार प्रत्येक तिमाही में छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करती है।

इस दौरान कई आर्थिक कारकों को देखा जाता है—

सरकारी बॉन्ड यील्ड

महंगाई दर

बैंक एफडी की ब्याज दर

बाजार की स्थिति

आर्थिक विकास

इन्हीं आधारों पर नई दरें तय की जाती हैं।

ब्याज दरें स्थिर रखने का क्या मतलब?

विशेषज्ञों के अनुसार सरकार ने ब्याज दरों में स्थिरता बनाए रखकर निवेशकों को भरोसा देने की कोशिश की है।

इससे—

निवेशकों की योजना प्रभावित नहीं होगी।

लंबी अवधि की बचत जारी रहेगी।

सुरक्षित निवेश का आकर्षण बना रहेगा।

सरकारी योजनाओं में निवेश बढ़ सकता है।

बैंक FD और स्मॉल सेविंग्स में क्या अंतर?

बैंक FD

स्मॉल सेविंग्स

बैंक पर निर्भर

सरकार की गारंटी

ब्याज बदल सकता है

तिमाही आधार पर तय

टैक्स लाभ सीमित

कई योजनाओं में टैक्स लाभ

कम जोखिम

लगभग शून्य जोखिम

किसे किस योजना में निवेश करना चाहिए?

बेटी के भविष्य के लिए – सुकन्या समृद्धि योजना

रिटायरमेंट के लिए – PPF

वरिष्ठ नागरिक – SCSS

निश्चित रिटर्न – NSC

लंबी अवधि की बचत – KVP

निवेशकों के लिए सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल ब्याज दर देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। निवेश का चयन अपने वित्तीय लक्ष्य, अवधि और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखकर करना चाहिए।

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