गर्मी के बीच महा-अलर्ट: 10 राज्यों में टूटेगा बादलों का कहर, जानें कहाँ लू चलेगी और कहाँ होगी बारिश!

 
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भारत के कई हिस्सों में इस समय मौसम के दो चरम रूप देखने को मिल रहे हैं। जहाँ एक ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य भीषण लू (Heatwave) की चपेट में हैं, वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग (IMD) ने 10 से अधिक राज्यों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रकृति के इस बदलते मिजाज ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

​उत्तर भारत में 'लू' का टॉर्चर

​दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में पारा 45°C के पार पहुँच रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 2-3 दिनों तक इन क्षेत्रों में 'हीटवेव' का प्रकोप जारी रहेगा। दोपहर के समय गर्म हवाओं के थपेड़ों के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें और हाइड्रेटेड रहें।

​इन 10 राज्यों में बारिश और आंधी की चेतावनी

​भीषण गर्मी के बीच राहत की खबर उन राज्यों के लिए है जहाँ मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण निम्नलिखित राज्यों में मौसम बदलेगा:

​दक्षिण भारत: केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।

​पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में अगले 48 घंटों में मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है।

​मध्य और पश्चिम भारत: महाराष्ट्र (विशेषकर विदर्भ), छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ छींटे पड़ सकते हैं।

​पहाड़ी क्षेत्र: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की बर्फबारी और बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।

​फसलों पर संकट और स्वास्थ्य सलाह

​मौसम में अचानक हो रहे इस बदलाव का सीधा असर कृषि पर पड़ रहा है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से पकने को तैयार फसलों को नुकसान पहुँचने की आशंका है।

​विशेषज्ञों की राय: "तापमान में इस तरह के उतार-चढ़ाव से वायरल बुखार और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। लोग ठंडे और गर्म वातावरण के बीच तुरंत आने-जाने से बचें।"

​आगामी दिनों के लिए IMD का पूर्वानुमान

​मौसम विभाग के मुताबिक, यह स्थिति अगले एक हफ्ते तक बनी रह सकती है। मानसून की आहट से पहले प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। जहाँ लू प्रभावित क्षेत्रों में राहत मिलने में अभी समय लगेगा, वहीं बारिश वाले राज्यों में आंधी की रफ्तार 40-50 किमी/घंटा तक रह सकती है, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा है।

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