मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में पिछले कुछ दिनों से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने मालवा अंचल सहित पूरे प्रदेश को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इंदौर कलेक्टर ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रशासन ने कक्षा 1 से 8वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को आगामी 3 दिनों के लिए बंद रखने का आदेश जारी किया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
इंदौर में पिछले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में अचानक गिरावट आई है। अलसुबह और देर रात कोहरा और शीतलहर (Cold Wave) की स्थिति बनी हुई है। सुबह के समय स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को इस भीषण ठंड के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं (जैसे सर्दी, खांसी और बुखार) का सामना करना पड़ रहा था। अभिभावकों और विभिन्न संगठनों की ओर से स्कूलों के समय में परिवर्तन या छुट्टी की मांग की जा रही थी, जिसे देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से यह आदेश लागू किया है।
कलेक्टर के आदेश की मुख्य बातें:
कक्षा सीमा: यह आदेश कक्षा नर्सरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के सभी छात्रों पर लागू होगा।
स्कूलों के प्रकार: इंदौर जिले के अंतर्गत आने वाले सभी शासकीय (Government), अशासकीय (Private), और सीबीएसई/आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूलों को इस आदेश का पालन करना अनिवार्य है।
अवधि: स्कूल आगामी 3 दिनों तक बंद रहेंगे। इसके बाद मौसम की स्थिति की समीक्षा की जाएगी और यदि ठंड का प्रकोप जारी रहता है, तो छुट्टियों को बढ़ाया भी जा सकता है।
शिक्षकों के लिए निर्देश: कुछ मामलों में यह स्पष्ट किया गया है कि केवल छात्रों के लिए अवकाश रहेगा, जबकि शिक्षकों और अन्य स्टाफ को प्रशासनिक कार्यों के लिए उपस्थित रहना पड़ सकता है (स्थानीय दिशा-निर्देशों के अनुसार)।
मध्य प्रदेश में मौसम का हाल
केवल इंदौर ही नहीं, बल्कि भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे शहरों में भी पारा तेजी से गिरा है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले 72 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में 'यलो' और 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया गया है। कई जिलों में विजिबिलिटी (दृश्यता) 50 मीटर से भी कम रह गई है, जिससे यातायात के साथ-साथ स्कूली बच्चों का घर से निकलना जोखिम भरा हो गया है।
अभिभावकों को सलाह
विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस कड़ाके की ठंड में बच्चों को गर्म कपड़ों में रखें और उन्हें पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी पिलाते रहें। स्कूलों की छुट्टी होने के बावजूद बच्चों को बाहर खेलने भेजने के बजाय घर के अंदर ही रखने की कोशिश करें, ताकि वे ठंडी हवाओं की चपेट में न आएं।
आगे क्या?
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 3 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद मौसम विभाग की रिपोर्ट के आधार पर नया फैसला लिया जाएगा। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए स्कूलों का समय सुबह 9:00 बजे के बाद करने पर भी विचार किया जा सकता है, ताकि उनकी पढ़ाई का नुकसान न हो और वे ठंड से भी बच सकें।