MP में पंचायत सचिव भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव
मध्य प्रदेश में CPCT परीक्षा अनिवार्य, पद हुआ जिला संवर्ग का; रोजगार सहायकों को 50% आरक्षण.
Sun, 16 Nov 2025
Mp में ग्राम पंचायत सचिवों की भर्ती प्रक्रिया में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण और व्यापक बदलाव किया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी किए गए नए नियमों के प्रारूप के अनुसार, अब पंचायत सचिव बनने के लिए उम्मीदवारों को कम्प्यूटर दक्षता प्रमाणन परीक्षा (CPCT) उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। यह बदलाव डिजिटल इंडिया के तहत पंचायत स्तर पर कम्प्यूटर कार्यों में दक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।
सीपीसीटी की अनिवार्यता:
नए नियमों के तहत, अब कोई भी उम्मीदवार CPCT पास किए बिना पंचायत सचिव के पद पर आवेदन नहीं कर पाएगा। CPCT में कंप्यूटर दक्षता के साथ-साथ हिंदी टाइपिंग में भी योग्यता आवश्यक होगी। यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू होने वाला है, हालांकि आपत्तियों और सुझावों के लिए एक माह का समय दिया गया है, जिसके बाद सरकार इन्हें अंतिम रूप देगी और संभवतः 11 दिसंबर के बाद पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।
जिला-स्तरीय कैडर और कुल पद
भर्ती नियमों में एक और बड़ा बदलाव यह है कि अब पंचायत सचिव का पद जिला संवर्ग (District Cadre) का होगा। इसका अर्थ है कि हर जिले में सचिवों का एक अलग कैडर होगा और उनकी भर्ती जिला स्तर पर की जाएगी। नए नियमों में सभी ग्राम पंचायतों के लिए कुल 23,011 पद स्वीकृत किए गए हैं। इन पदों पर भर्ती की जिम्मेदारी अब मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) को सौंपी गई है, जो एक लिखित परीक्षा के माध्यम से चयन करेगा।
रोजगार सहायकों को मिलेगा 50% आरक्षण:
सरकार ने ग्राम रोजगार सहायकों (GRS) को भी बड़ी राहत दी है। नए नियमों के अनुसार, पंचायत सचिव के कुल स्वीकृत पदों में से 50 प्रतिशत पद उन ग्राम रोजगार सहायकों के लिए आरक्षित किए जाएंगे, जिन्होंने न्यूनतम पांच वर्ष की सेवा पूरी कर ली है। यह प्रावधान रोजगार सहायकों के अनुभव और सेवाओं को मान्यता प्रदान करता है
अन्य प्रमुख प्रावधान और नियम:
शैक्षणिक योग्यता: सचिव पद के लिए उम्मीदवार का स्नातक (Graduation) होना अनिवार्य है, साथ ही CPCT भी आवश्यक है।
आयु सीमा: भर्ती वर्ष की 1 जनवरी को आवेदक की आयु 21 वर्ष से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
समान अंक पर प्राथमिकता: यदि दो उम्मीदवारों के परीक्षा में समान अंक आते हैं, तो अधिक आयु वाले अभ्यर्थी को प्राथमिकता दी जाएगी। आयु भी समान होने पर CPCT में अधिक अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को चुना जाएगा।
पदस्थापना और नियुक्ति: किसी भी सचिव को उसकी गृह ग्राम पंचायत में पदस्थ नहीं किया जाएगा। नियुक्ति का अंतिम प्राधिकारी जिला पंचायत का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) होगा।
सेवा की शर्तें: सचिवों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष तय की गई है। इसके अलावा, एक प्रावधान यह भी है कि वह व्यक्ति पात्र नहीं होगा जिसकी दो से अधिक जीवित संतान हों और उनमें से किसी का जन्म 26 जनवरी 2001 या उसके बाद हुआ हो।
ये नए नियम मध्य प्रदेश में पंचायत स्तर पर प्रशासनिक और डिजिटल कार्यों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ भर्ती प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
