पत्रकार पर बिफरीं राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, गांजा तस्करी में गिरफ्तार अनिल को भाई मानने से किया इनकार, कांग्रेस ने भी घेरा
Madhya Pradesh Minister's Brother Arrested For Smuggling Ganja: सतना में 46 किलो गांजे के साथ पकड़े गए मंत्री के सगे भाई, पहले बहनोई भी हो चुका है गिरफ्तार
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी अपने सगे भाई की गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तारी को लेकर विवादों में घिर गई हैं। सतना पुलिस द्वारा मंत्री के भाई अनिल बागरी को 46 किलोग्राम से अधिक गांजे के साथ गिरफ्तार किए जाने के बाद यह मामला सुर्खियों में आया है। इतना ही नहीं, जब मीडिया ने इस संबंध में राज्यमंत्री से सवाल किया, तो वह भड़क उठीं और अनिल को अपना भाई मानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद विपक्ष कांग्रेस ने उन पर तीखा हमला बोला है और इस्तीफे की मांग की है।
तस्करी मामले में अनिल बागरी गिरफ्तार
सतना जिले के रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र में पुलिस को गांजा तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी।
कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अनिल बागरी और उसके एक साथी पंकज सिंह को गिरफ्तार किया।
आरोपियों के पास से धान की बोरियों के नीचे छिपाकर रखा गया 46 किलो 134 ग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹9 लाख से अधिक बताई जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार अनिल बागरी, राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी का सगा भाई है।
कुछ दिन पहले बहनोई भी पकड़ा गया था
जांच में यह भी सामने आया है कि अनिल बागरी के बहनोई (जीजा) शैलेंद्र सिंह सोमू भी कुछ दिन पहले इसी तरह के गांजा तस्करी के एक अन्य मामले में उत्तर प्रदेश के बांदा में गिरफ्तार हुए थे और वर्तमान में जेल में बंद हैं। पुलिस को संदेह है कि अनिल और शैलेंद्र मिलकर नशे का यह नेटवर्क चला रहे थे। इस खुलासे ने मंत्री के परिवार पर नशे के कारोबार से जुड़े होने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पत्रकार पर भड़कीं मंत्री प्रतिमा बागरी
खजुराहो में एक कार्यक्रम से बाहर निकलते समय जब मीडियाकर्मियों ने राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी को उनके भाई की गिरफ्तारी को लेकर सवाल किया, तो वह गुस्से से लाल हो गईं।
मीडिया ने जब पूछा कि "आपका भाई गांजा तस्करी में गिरफ्तार हुआ है," तो मंत्री ने झल्लाते हुए सवाल किया, "कौन मेरा भाई?"
उन्होंने अनिल बागरी को अपना भाई मानने से इनकार कर दिया और गुस्से में मीडिया को फटकार लगाई।
बाद में उन्होंने कहा कि "पुलिस अपना काम कर रही है और गलत काम करने वाले अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी के रिश्तेदार ही क्यों न हों। strictest action लिया जाएगा।"
मंत्री का यह बयान और मीडिया पर गुस्सा करना अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
कांग्रेस ने घेरा, मांगा इस्तीफा
विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर BJP सरकार और मंत्री प्रतिमा बागरी पर तीखा हमला बोला है।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर मंत्री के भाई की गिरफ्तारी और मंत्री के पत्रकारों पर भड़कने का वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाया है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि "BJP की सरकार में मंत्रियों के रिश्तेदार काले काम कर रहे हैं" और पूछा है कि "क्या 'डबल इंजन' अब ड्रग तस्करी का परिवहन मॉडल बन गया है?"
युवा कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ताओं ने तो विरोध प्रदर्शन करते हुए भोपाल स्थित मंत्री के सरकारी आवास में घुसकर नेम प्लेट पर कालिख पोत दी और इस्तीफे की मांग की।
कांग्रेस का कहना है कि मंत्री के इस्तीफे के बाद ही मामले की निष्पक्ष जांच हो सकती है, क्योंकि उनके परिवार के कई लोग कथित तौर पर क्षेत्र में नशे के कारोबार में शामिल हैं।
यह हाई-प्रोफाइल मामला मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा विवाद बन गया है और BJP सरकार के लिए कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर एक बड़ी चुनौती पेश कर रहा है। आने वाले दिनों में मंत्री प्रतिमा बागरी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
मंत्री की कुर्सी पर तलवार
आधिकारिक चुप्पी के बीच, BJP के अंदरूनी सूत्रों ने स्वीकार किया है कि यह मामला सरकार के लिए एक बड़ी शर्मिंदगी का विषय बन गया है।
एक वरिष्ठ BJP नेता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा है कि, "हर मंत्री का प्रदर्शन समीक्षा के दायरे में है, क्योंकि मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएँ चल रही हैं। बागरी के लिए, आने वाले दिन यह तय करेंगे कि क्या उनका मंत्री पद बच पाएगा या नहीं।"
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय और संगठन दोनों ही इस मामले पर पुलिस से पूरी रिपोर्ट ले रहे हैं। पार्टी पर दबाव है कि वह 'अपराध के प्रति शून्य सहिष्णुता' की अपनी छवि को बनाए रखे, जिसके लिए प्रतिमा बागरी पर कड़ी कार्रवाई करना आवश्यक हो सकता है।
यह विवाद ऐसे समय में आया है जब BJP सरकार राज्य में अपराध पर सख्त कार्रवाई करने की अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। मंत्री के परिवार से जुड़े लोगों का लगातार नशीले पदार्थों की तस्करी में नाम आना, जिसमें पहले उनके बहनोई शैलेंद्र सिंह की नशीली कफ सिरप और हाल ही में गांजा तस्करी में गिरफ्तारी शामिल है, मंत्री की नैतिक जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पुलिस की कार्रवाई पर फोकस
पुलिस अधिकारी इस मामले में पूरी तरह से कानून के अनुसार कार्रवाई करने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया है कि NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अनिल बागरी और उसके साथी को गिरफ्तार किया जा चुका है और दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस अब बहनोई शैलेंद्र सिंह को उत्तर प्रदेश की बांदा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है, ताकि इस अंतर-राज्यीय तस्करी रैकेट के प्रमुख सरगनाओं और छत्तीसगढ़ तक फैले इसके स्रोतों का पता लगाया जा सके।
फिलहाल, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा गर्म है कि मंत्री प्रतिमा बागरी को जल्द ही अपने पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है, या पार्टी उन्हें कड़ा संदेश देने के लिए हटाने का फैसला ले सकती है।
