मोहन कैबिनेट बैठक संपन्न, 10 बड़े प्रस्तावों पर लगी मुहर, लिए गए कई अहम फैसले, बुंदेलखंड को भी बड़ी सौगात
खजुराहो में मोहन कैबिनेट की ऐतिहासिक बैठक: बुंदेलखंड को ₹24 हज़ार करोड़ से अधिक की सौगात
Tue, 9 Dec 2025
Mohan Cabinet Meeting 2025 : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में खजुराहो के महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में मंत्रिपरिषद की एक ऐतिहासिक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश और विशेष रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास के लिए 10 से अधिक बड़े और अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में औद्योगिक विकास, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, रोजगार सृजन, सिंचाई सुविधाओं और पर्यटन को बढ़ावा देने पर मुख्य ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने फैसलों की जानकारी साझा की, जिसे बुंदेलखंड के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास के लिए विशेष पैकेज
कैबिनेट ने बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए एक विशेष औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी दी है। यह पैकेज सागर के औद्योगिक क्षेत्र 'मसवासी ग्रंट' पर केंद्रित है और आगामी पाँच वर्षों के लिए प्रभावशील रहेगा।
बड़ा निवेश और रोजगार: इस पैकेज से लगभग ₹24,240 करोड़ के निवेश का मार्ग प्रशस्त होगा और क्षेत्र में 29,000 से अधिक व्यक्तियों को प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।
रियायती दरें: निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए भूमि प्रब्याजी (Land Premium) और वार्षिक भू-भाटक (Annual Ground Rent) की दरें केवल ₹1 प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई हैं।
टैक्स में छूट: स्टाम्प और पंजीयन शुल्क में 100% प्रतिपूर्ति (Reimbursement) की स्वीकृति दी गई है, जिससे निवेशकों का आर्थिक बोझ कम होगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास: अगले पाँच वर्षों में अधोसंरचना विकास (Infrastructure Development) पर ₹539.54 करोड़ खर्च करने की योजना है। इस पहल के तहत कुल 42 औद्योगिक यूनिटों की स्थापना होगी।
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में क्रन्तिकारी विस्तार
बुंदेलखंड में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं।
चार नए मेडिकल कॉलेज: मोहन सरकार ने अगले शैक्षणिक सत्र से चार नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने की घोषणा की है। ये मेडिकल कॉलेज पन्ना, दमोह, कटनी और छतरपुर जिलों में खोले जाएंगे, जिससे क्षेत्र के छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और स्थानीय स्वास्थ्य सेवाएं भी मजबूत होंगी।
पदों का सृजन: दमोह, छतरपुर और बुधनी मेडिकल कॉलेजों के लिए 990 नियमित और 615 आउटसोर्स पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी गई है, जिससे नए संस्थानों के लिए आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा।
आयुर्वेद को बढ़ावा: प्रदेश में पांच आयुर्वेदिक महाविद्यालय और वेलनेस सेंटर खोलने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। इनमें सागर, शहडोल, नर्मदापुरम, मुरैना और बालाघाट जिले शामिल हैं, जिसके निर्माण पर प्रत्येक के लिए ₹70-70 करोड़ की लागत आएगी।
छात्रों के लिए लाभ: अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों को 10 महीने की जगह अब 12 महीने (एक साल) की शिक्षावृत्ति (Scholarship) दी जाएगी, जिससे 3,000 से अधिक छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा।
सिंचाई और आधारभूत संरचना विकास
किसानों की पानी की समस्या दूर करने और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए भी बड़े निर्णय लिए गए।
झापड़ नाला सिंचाई परियोजना: दमोह जिले की बहुप्रतीक्षित झापड़ नाला मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए ₹165 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। यह परियोजना किसानों को सिंचाई के नए और विश्वसनीय साधन उपलब्ध कराएगी।
सड़क निर्माण: सागर–दमोह मार्ग (लगभग 77 किमी) को 4-लेन एवं पेव्हड शोल्डर के साथ हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर उन्नयन और निर्माण के लिए ₹2059.85 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है, जो क्षेत्र की कनेक्टिविटी को सुधारेगी।
पर्यटन और रोजगार के अंतर्राष्ट्रीय अवसर
कैबिनेट ने पर्यटन और युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर भी सृजित किए हैं।
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व: नौरादेही स्थित वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व को चीतों के रहवास के लिए विकसित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है, जिससे वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
युवाओं को विदेश भेजना: पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के तहत 600 युवाओं को जर्मनी और जापान भेजने की योजना को भी स्वीकृति मिली है, जिससे उन्हें रोजगार के अंतरराष्ट्रीय अवसर मिल सकेंगे।
अग्निशमन सेवाओं का आधुनिकीकरण: अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए ₹397.54 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खजुराहो कन्वेंशन सेंटर का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए यहां कैबिनेट बैठक आयोजित की गई है, और कन्वेंशन सेंटर के पास पीपीपी मॉडल पर पांच सितारा होटल विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
इन तमाम फैसलों से यह स्पष्ट है कि मोहन कैबिनेट ने बुंदेलखंड को विकास की नई दिशा देने और एक निवेशक-हितैषी वातावरण तैयार करने के लिए एक मजबूत कदम उठाया है।
