मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: किसानों को सौगात, भर्ती और 7वें वेतनमान पर मुहर

Mohan Cabinet Meeting 2025 : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। 
 
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Mohan Cabinet Meeting 2025: इन फैसलों में किसानों के लिए राहत, सरकारी नौकरियों में नई भर्तियां और कर्मचारियों के लिए 7वें वेतनमान के लाभ का विस्तार शामिल है।

​किसानों के हित में प्रमुख निर्णय
​मोहन कैबिनेट ने किसानों को राहत और सिंचाई सुविधा प्रदान करने के लिए दो बड़े फैसले लिए हैं:
​'प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना' में संशोधन:
​किसानों को अब उनके मौजूदा कनेक्शन की क्षमता से एक उच्च क्षमता का सोलर पंप लेने का विकल्प मिलेगा।
​उदाहरण के लिए, 3 HP (हॉर्सपावर) अस्थायी बिजली कनेक्शन वाले किसान 5 HP का सोलर पंप ले सकेंगे, जबकि 5 HP कनेक्शन वाले किसान 7.5 HP का सोलर पंप प्राप्त कर सकेंगे। यह फैसला सिंचाई क्षमता को बढ़ाएगा।
​शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण जारी:
​किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण देने की योजना को वर्ष 2025-26 के लिए जारी रखने की स्वीकृति दी गई है। इससे किसानों पर आर्थिक बोझ कम होगा।
​ सरकारी नौकरियों में वृद्धि और भर्ती नियमों को मंजूरी
​युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने कई विभागों में नए पदों को मंजूरी दी है:
​आयुष अस्पतालों में 373 नए पद और 806 मानव संसाधन सेवाएं:
​12 जिलों में 50 बिस्तरों वाले और बड़वानी जिले में 30 बिस्तरों वाले आयुष अस्पतालों के संचालन के लिए कुल 373 नए पद (कक्षा-1 से 3) और 806 मानव संसाधन सेवाएं (आउटसोर्सिंग के आधार पर) को मंजूरी दी गई है।
​अन्य भर्तियों को मंजूरी:
​राजस्व विभाग में 500 पदों को खत्म करके 1200 नए पदों का सृजन करने का फैसला, जिसमें आईटी (IT) पदों को महत्व दिया गया है।
​नवगठित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगर-मालवा में 9 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है।
​मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (MPCST) के वैज्ञानिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भर्ती और सेवा नियम 2025 को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
​ 7वें वेतनमान का विस्तार और अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव
​कर्मचारियों और सामाजिक कल्याण से जुड़े ये फैसले भी कैबिनेट ने लिए:
​मेडिको-लीगल संस्था के अधिकारियों को 7वें वेतनमान का लाभ:
​मेडिको-लीगल संस्था के अधिकारियों को 1 जनवरी 2016 से 7वें वेतनमान के संशोधित वेतनमान लाभ को बढ़ाया गया है, जिससे वे लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग के बराबर आ गए हैं।
​राज्य के पेंशन कर्मचारियों को भी 6वें और 7वें वेतनमान का लाभ दिए जाने का प्रस्ताव पहले ही स्वीकृत हो चुका है।
​'मिशन वात्सल्य' योजना का विस्तार:
​मिशन वात्सल्य के तहत गैर-संस्थागत सेवा योजना को अगले पांच वर्षों के लिए सभी जिलों में जारी रखने की मंजूरी दी गई है।
​इस योजना में पात्र बच्चों को प्रति माह ₹4,000 की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसमें अनाथ, विधवा/तलाकशुदा/परित्यक्ता माताओं के बच्चे शामिल हैं।
​अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव:
​नगरीय निकायों के अध्यक्षों और महापौर का चुनाव अब प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने के लिए अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी गई है।
​ठेका श्रमिक नियमों में बदलाव और श्रम विभाग में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है, जिससे महिलाएं सुरक्षित तरीके से रात में काम कर सकें।

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