MP PWD Road Safety Audit: अब सुरक्षित होंगी एमपी की सड़कें, 40,000 KM का ऑडिट
मध्य प्रदेश PWD ने सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए 40,000 किमी सड़कों के सेफ्टी ऑडिट का फैसला लिया है। जानें क्या है सरकार का नया रोड सेफ्टी प्लान और कैसे सुधरेंगे ब्लैक स्पॉट्स।
Sun, 13 Jul 2025
मध्य प्रदेश सरकार अब अपनी प्रमुख सड़कों को एक्सप्रेस-वे के सुरक्षा मानकों (Safety Standards) के अनुरूप तैयार कर रही है। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़कों पर वाहन चलाने वालों को तकनीकी खामियों के कारण दुर्घटना का शिकार न होना पड़े।
2. तीन चरणों में होगा ऑडिट
रोड सेफ्टी ऑडिट की प्रक्रिया को मुख्य रूप से तीन महत्वपूर्ण चरणों में विभाजित किया गया है:
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प्री-डिजाइन स्टेज (Pre-design Stage): सड़क बनने से पहले ही सुरक्षा मानकों का आकलन।
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डिजाइन स्टेज (Design Stage): निर्माण के दौरान तकनीकी रूप से सुरक्षा सुनिश्चित करना।
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कंस्ट्रक्शन स्टेज (Construction Stage): निर्माण पूरा होने के बाद और सड़क शुरू होने से पहले अंतिम जांच।
3. मौजूदा सड़कों की जांच और सुधार
ऑडिट के दौरान विभाग ने पाया कि पुरानी और वर्तमान सड़कों में कई खामियाँ थीं:
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विभाग द्वारा कराई गई जांच में प्रमुख सड़कों पर 441 तकनीकी खामियां पाई गईं।
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इनमें से लगभग 200 खामियां ऐसी थीं जिन्हें तत्काल मामूली सुधार के साथ ठीक किया जा सकता था, और विभाग ने उन पर काम शुरू कर दिया है।
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बाकी जटिल समस्याओं (जैसे ब्लैक स्पॉट्स) के लिए दीर्घकालिक सुधार योजना बनाई गई है।
4. ऑडिट का मुख्य उद्देश्य
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तकनीकी खामियों का खात्मा: सड़क की डिजाइन, गलत मोड़, या विजिबिलिटी की कमी जैसी समस्याओं को दूर करना।
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ब्लैक स्पॉट्स की पहचान: उन स्थानों को चिन्हित करना जहां बार-बार दुर्घटनाएं होती हैं।
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इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार: साइन बोर्ड, उचित रोशनी (Lighting), स्पीड ब्रेकर और जेब्रा क्रॉसिंग का सही प्रबंधन।
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सुरक्षा मित्र की तैनाती: विभाग ने कुछ जिलों में 'सड़क सुरक्षा मित्र' (तकनीकी और सामान्य) को भी शामिल करने की योजना बनाई है।
