MP Weather Alert: सावधान! एमपी में फिर सक्रिय हुआ नया सिस्टम; आंधी-बारिश और ओलों से बिगड़ेगा मौसम, जानें अगले 48 घंटे का हाल

मध्य प्रदेश के मौसम में बड़ा उलटफेर! वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण भोपाल, ग्वालियर सहित 20 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना। फरवरी में चौथी बार बदला मौसम, किसानों की बढ़ी चिंता। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
 
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मध्य प्रदेश में मौसम के मिजाज में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। फरवरी का महीना जाते-जाते प्रदेशवासियों को एक साथ तीन मौसमों का अहसास करा रहा है। जहाँ एक तरफ दिन के समय पारा 35 डिग्री के पार जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ सक्रिय हुए नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) ने प्रदेश में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति पैदा कर दी है।

फरवरी में चौथी बार बदला मौसम का मिजाज

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह फरवरी के महीने में चौथी बार है जब मौसम ने इतनी तेजी से करवट ली है। हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हुए एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से आ रही नमी के कारण मध्य प्रदेश के ऊपर बादलों का डेरा जमना शुरू हो गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 48 से 72 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में 'मावठा' गिर सकता है।

इन जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल ने आगामी दिनों के लिए ग्वालियर-चंबल संभाग समेत कई जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी किया है।

  • भारी बारिश और आंधी: ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर और दतिया।

  • ओलावृष्टि की संभावना: भिंड, मुरैना और श्योपुरकलां के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ ओले गिर सकते हैं।

  • हल्की बूंदाबांदी: राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में आंशिक बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर हल्की बौछारें पड़ने की संभावना है।

तापमान में 'अप्रैल' जैसी तपिश

हैरानी की बात यह है कि एक तरफ बारिश का अलर्ट है, तो दूसरी तरफ गर्मी ने भी तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। 27 फरवरी को खरगोन और खंडवा में तापमान 35.2°C रिकॉर्ड किया गया, जो फरवरी के लिहाज से असामान्य रूप से अधिक है। भोपाल में भी अधिकतम तापमान 32 डिग्री के ऊपर बना हुआ है। दिन में तेज धूप और शाम को अचानक बादलों की आवाजाही से लोग बीमारियों की चपेट में भी आ रहे हैं।

किसानों की चिंता: फसलों पर 'सफेद आफत' का खतरा

यह बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है। इस समय प्रदेश में गेहूं, चना और सरसों की फसलें पककर तैयार होने वाली हैं।

"अगर इस समय ओले गिरते हैं, तो गेहूं की बालियां टूट जाएंगी और सरसों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। पिछले दौर की बारिश से पहले ही फसलों को नुकसान हुआ है, अब यह नया सिस्टम हमारी मेहनत पर पानी फेर सकता है।" - रामदयाल, किसान (होशंगाबाद संभाग)

होली पर कैसा रहेगा मौसम?

मार्च की शुरुआत के साथ ही होली की तैयारियां तेज हो गई हैं, लेकिन मौसम विभाग का अनुमान है कि मार्च के पहले हफ्ते में भी एक नया सिस्टम सक्रिय हो सकता है। ऐसे में होली (4 मार्च) के दौरान भी बादल छाए रहने या हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है।

अगले 24 घंटों के लिए सुझाव:

  1. किसान भाई: कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और अनाज की बोरियों को तिरपाल से ढंककर रखें।

  2. आम नागरिक: अचानक तापमान गिरने और बारिश से वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

  3. यात्री: आंधी और बिजली गिरने की स्थिति में पेड़ों के नीचे शरण न लें।

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