उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण पूरे प्रदेश में ठिठुरन बढ़ गई है। बुंदेलखंड का छतरपुर जिला वर्तमान में प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका बन गया है, जहाँ के नौगांव में न्यूनतम तापमान गिरकर 1.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग (IMD) ने आगामी 48 घंटों के लिए राज्य के कई जिलों में भारी कोहरे और शीतलहर की चेतावनी जारी की है।
1. छतरपुर में 'शिमला' जैसी ठंड, नौगांव में जमने लगी ओस
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले, विशेषकर नौगांव में भीषण ठंड का दौर जारी है। सोमवार और मंगलवार की रात तापमान 1 डिग्री तक गिरने से खेतों और गाड़ियों की छतों पर ओस की बूंदें बर्फ की परत की तरह जमी नजर आईं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह इस सीजन की सबसे सर्द रात थी। पचमढ़ी और ग्वालियर जैसे इलाकों में भी न्यूनतम तापमान 5 डिग्री के नीचे बना हुआ है।
2. किसानों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट': पाले का खतरा (Frost Warning)
तापमान में अचानक आई इस गिरावट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यदि तापमान इसी तरह गिरता रहा, तो फसलों पर 'पाला' (Frost) पड़ सकता है।
प्रभावित फसलें: मटर, चना, सरसों और मसूर जैसी फसलों को पाले से सबसे अधिक खतरा है।
मौसम विभाग की सलाह: प्रशासन ने बुंदेलखंड क्षेत्र के किसानों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए विशेष सावधानी बरतने को कहा है।
पाले से फसलों को बचाने के उपाय:
खेतों में धुआं करना: रात के समय (विशेषकर रात 12 से 2 बजे के बीच) खेत की मेड़ों पर कूड़ा-कचरा या सूखी घास जलाकर धुआं करें। इससे तापमान 2-3 डिग्री तक बढ़ जाता है।
हल्की सिंचाई: पाले की संभावना होने पर खेत में हल्की सिंचाई करें। गीली मिट्टी देर तक गर्मी सोखती है, जिससे फसल का बचाव होता है।
सल्फर का उपयोग: विशेषज्ञ 0.1% गंधक के तेजाब का छिड़काव करने की सलाह देते हैं ताकि रासायनिक तरीके से फसल को पाले से सुरक्षित रखा जा सके।
3. स्कूलों की छुट्टी और समय में बदलाव
भीषण शीत लहर को देखते हुए छतरपुर, पन्ना, उज्जैन और ग्वालियर सहित कई जिलों के कलेक्टरों ने स्कूलों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।
अवकाश: कई जिलों में नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में 6 और 7 जनवरी का अवकाश घोषित किया गया है।
समय परिवर्तन: जहां स्कूल खुले हैं, वहां सुबह 10:30 बजे से पहले क्लास न लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
4. कोहरे का यातायात पर असर
ठंड के साथ-साथ घने कोहरे (Dense Fog) ने रफ्तार थाम दी है। ग्वालियर, चंबल और रीवा संभाग में दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। इसके कारण:
उत्तर भारत से आने वाली ट्रेनें 8 से 10 घंटे की देरी से चल रही हैं।
हाईवे पर ट्रकों और बसों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
प्रशासन ने लोगों को रात के समय अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
5. अगले 48 घंटे कैसे रहेंगे? (Weather Forecast)
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में जेट स्ट्रीम और वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के प्रभाव के कारण सर्द हवाएं सीधे मध्य प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं। आगामी दो दिनों तक ग्वालियर, दतिया, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में 'सीवियर कोल्ड डे' (Severe Cold Day) की स्थिति बनी रहेगी। हालांकि, 8 जनवरी के बाद तापमान में मामूली बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।