MP Weather Update: ग्वालियर-भिंड समेत 20 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट | Western Disturbance

मध्यप्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर! ग्वालियर, शिवपुरी और भिंड समेत 20 से ज्यादा जिलों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी। जानिए आपके शहर का हाल।
 
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मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट बदल ली है। उत्तर भारत से आ रहे वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों ने डेरा डाल लिया है। मौसम विभाग (IMD) ने ग्वालियर, चंबल और बुंदेलखंड संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।

​मौसम बदलने का मुख्य कारण

​मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में एक तीव्र पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसे अरब सागर से आने वाली नमी का साथ मिल रहा है। इसके प्रभाव से राजस्थान से सटे मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों में चक्रवाती घेरा बना हुआ है। यही कारण है कि अचानक तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और आसमान में घने बादल छा गए हैं।

​इन 20 जिलों में बारिश की भारी संभावना

​मौसम विभाग ने जिन प्रमुख जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है, उनमें शामिल हैं:

​ग्वालियर और चंबल संभाग: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर और दतिया।

​मध्य और उत्तर क्षेत्र: शिवपुरी, गुना, अशोकनगर।

​बुंदेलखंड और अन्य: टीकमगढ़, छतरपुर, निवाड़ी, सागर और राजगढ़।

​इन क्षेत्रों में न केवल हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, बल्कि 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का भी अनुमान है।

​किसानों की बढ़ी चिंता: फसलों पर मंडराया संकट

​बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की संभावना ने किसानों के माथे पर बल ला दिए हैं। इस समय खेतों में सरसों, गेहूं और चने की फसलें तैयार खड़ी हैं।

​ओलावृष्टि का डर: यदि भारी ओले गिरते हैं, तो सरसों की फलियां टूट सकती हैं।

​फसल का गिरना: तेज हवाओं के साथ बारिश होने पर गेहूं की फसल आड़ी गिर सकती है, जिससे दाने काले पड़ने और गुणवत्ता खराब होने का खतरा है।

​तापमान में उतार-चढ़ाव: अचानक ठंड बढ़ने से दलहनी फसलों में इल्लियों का प्रकोप बढ़ सकता है।

​प्रशासन की तैयारी और सलाह

​राज्य सरकार ने संबंधित जिला कलेक्टरों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने आम लोगों और विशेषकर किसानों को सलाह दी है कि:

​कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें।

​खेतों में अभी सिंचाई और कीटनाशक का छिड़काव रोक दें।

​बादलों की गर्जना के समय पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े न हों।

​आगामी दिनों का पूर्वानुमान

​अगले 48 घंटों तक प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम इसी तरह बना रहेगा। 22 फरवरी के बाद बादलों के छंटने की उम्मीद है, जिसके बाद रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है और सुबह के समय हल्का कोहरा देखने को मिल सकता है।

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