एमपी का एडवांस फोरलेन हाईवे: नींद आने पर ड्राइवर को करेगा अलर्ट
bhopal-jabalpur advance highway: नौरादेही अभ्यारण्य क्षेत्र में सुरक्षा के लिए NHAI ने अपनाई नई तकनीक
Sat, 29 Nov 2025
bhopal-jabalpur advance highway : मध्य प्रदेश में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने भोपाल से जबलपुर तक के नेशनल हाईवे 45 (NH-45) पर एक महत्वपूर्ण और उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया है। यह पहल विशेष रूप से नौरादेही वन्यजीव अभ्यारण्य (Nauradehi Wildlife Sanctuary) से होकर गुजरने वाले लगभग 12 किलोमीटर के अति-संवेदनशील खंड पर की गई है, जहाँ यह तकनीक वन्यजीवों और वाहन चालकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक होगी। इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य ड्राइवर को नींद या झपकी आने की स्थिति में तुरंत अलर्ट करना है, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
'रेड मार्किंग' से लैस डेंजर ज़ोन
NHAI ने इस पूरे 'डेंजर ज़ोन' को विकसित करने के लिए कुल 122 करोड़ रुपये की लागत लगाई है। इस एडवांस हाईवे सेक्शन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सड़क की सतह पर खास 'रेड मार्किंग' का उपयोग किया गया है। यह मार्किंग पारंपरिक सफेद या पीली लेन मार्किंग से अलग है और इसका दोहरा सुरक्षा उद्देश्य है:
ड्राइवर अलर्ट सिस्टम: यदि कोई ड्राइवर थकान के कारण झपकी लेता है और उसका वाहन लेन से भटककर इस लाल पट्टी पर चढ़ जाता है, तो वाहन के टायरों से एक विशिष्ट तेज आवाज (rumble sound) उत्पन्न होती है। इसके साथ ही, ड्राइवर को सड़क के कंपन (vibration) का भी अनुभव होता है। यह शोर और कंपन मिलकर ड्राइवर की नींद तुरंत तोड़ देते हैं और उसे सचेत करते हैं कि वह लेन से बाहर जा रहा है। यह तकनीक नींद के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में अत्यधिक प्रभावी साबित हो सकती है, खासकर लंबी यात्राओं पर।
वन्यजीव सुरक्षा: नौरादेही अभ्यारण्य एक पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र है जहाँ अक्सर वन्यजीव सड़क पार करते हैं। रेड मार्किंग का इस्तेमाल इस खंड में ड्राइवरों को अत्यधिक सतर्क रहने का संकेत भी देता है, जिससे वे अपनी गति को नियंत्रित रखें और अचानक वन्यजीवों के सामने आने पर प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहें। इससे वन्यजीवों को वाहनों की टक्कर से बचाया जा सकता है।
उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर
भोपाल-जबलपुर हाईवे पर किया गया यह इनोवेशन देश के अन्य राजमार्गों के लिए एक मॉडल पेश करता है, खासकर उन क्षेत्रों के लिए जो वन्यजीव अभ्यारण्यों या घने जंगलों से होकर गुजरते हैं। इस तरह के एडवांस सेफ्टी फीचर्स को लागू करना न केवल मानवीय जीवन की रक्षा करता है, बल्कि पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। इस परियोजना से NHAI की यह मंशा साफ होती है कि वह हाईवे निर्माण में केवल गति नहीं, बल्कि सुरक्षा और पर्यावरण संवेदनशीलता को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। यह फोरलेन हाईवे अब मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों को जोड़ने के साथ-साथ एक सुरक्षित यात्रा अनुभव भी सुनिश्चित करेगा।
