PM Vishwakarma Yojana: इस योजना में मिल जाता है 3 लाख रुपये तक का लोन, जानें आपको मिलेगा या नहीं
PM Vishwakarma Yojana Mein Loan Kise Milta Hai: पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कई लाभ मिलते हैं जिसमें से एक लोन भी है, लेकिन क्या आपको ये लोन मिल सकता है?
Fri, 28 Nov 2025
PM Vishwakarma Yojana Loan Facility: पीएम विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य देश के छोटे कारीगरों और शिल्पकारों को उनके पारंपरिक कौशल को बढ़ावा देने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद करना है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को न केवल कौशल प्रशिक्षण (स्किल ट्रेनिंग) दी जाती है, बल्कि उन्हें अपना काम शुरू करने या बढ़ाने के लिए 3 लाख रुपये तक का रियायती लोन भी उपलब्ध कराया जाता है। हालांकि, यह लाभ हर किसी को नहीं मिलता है। इसका फायदा उठाने के लिए कुछ विशिष्ट पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं।
कौन उठा सकता है पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ?
पीएम विश्वकर्मा योजना खास तौर पर उन लोगों के लिए डिज़ाइन की गई है जो अपने हाथों और पारंपरिक औजारों का उपयोग करके काम करते हैं। योजना के तहत, केवल 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगर और शिल्पकार ही आवेदन करने के पात्र हैं।
योग्यता की मुख्य शर्तें:
व्यवसाय की श्रेणी: आवेदक को योजना में सूचीबद्ध 18 पारंपरिक व्यवसायों में से किसी एक से जुड़ा होना चाहिए।
आयु सीमा: आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
सरकारी नौकरी की स्थिति: आवेदक और उसके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी सेवा (सरकारी कर्मचारी) में नहीं होना चाहिए।
अन्य योजनाओं का लाभ: आवेदक को पिछले 5 वर्षों में समान केंद्रीय या राज्य योजनाओं, जैसे PMEGP, PM SVANidhi, या Mudra Yojana के तहत स्वरोजगार/व्यवसाय विकास के लिए लोन नहीं मिला होना चाहिए।
पंजीकरण: परिवार में केवल एक ही सदस्य (पति या पत्नी और अविवाहित बच्चे) इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होगा।
योजना में शामिल 18 पारंपरिक व्यवसाय:
यह योजना निम्नलिखित 18 पारंपरिक व्यापारों से जुड़े कारीगरों के लिए है:
बढ़ई (Carpenters)
नाव निर्माता (Boat Makers)
अस्त्रकार (Armourer)
लोहार (Blacksmith)
हथौड़ा और टूलकिट निर्माता (Hammer and Tool Kit Makers)
ताला बनाने वाला (Locksmith)
सुनार (Goldsmith)
कुम्हार (Potter)
मूर्तिकार/पत्थर तराशने वाला (Sculptor/Stone Carver)
पत्थर तोड़ने वाला (Stone Breaker)
मोची/जूता कारीगर (Cobbler/Shoe Worker)
राजमिस्त्री (Mason)
टोकरी/चटाई/झाड़ू निर्माता/कॉयर बुनकर (Basket/Mat/Broom Maker/Coir Weaver)
गुड़िया और खिलौना निर्माता (पारंपरिक) (Doll and Toy Makers - Traditional)
नाई (Barber)
माला बनाने वाला (Garland Maker)
धोबी (Washerman)
दर्जी (Tailor)
मछली पकड़ने का जाल निर्माता (Fishing Net Maker)
3 लाख रुपये तक के लोन की संरचना
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत मिलने वाला लोन दो चरणों में दिया जाता है, और यह बिना किसी गारंटी (कोलैटरल-फ्री) के उपलब्ध होता है। लोन पर ब्याज दर मात्र 5% प्रति वर्ष होती है, जो बाजार दरों से बहुत कम है।
चरण (Tranche) अधिकतम ऋण राशि चुकौती अवधि ब्याज दर
पहला चरण (First Tranche) ₹1,00,000 तक 18 महीने 5% प्रति वर्ष (रियायती)
दूसरा चरण (Second Tranche) ₹2,00,000 तक 30 महीने 5% प्रति वर्ष (रियायती)
पहला चरण: कारीगर को सबसे पहले बेसिक ट्रेनिंग पूरी करनी होती है, जिसके बाद वह ₹1 लाख तक के लोन के लिए पात्र होता है।
दूसरा चरण: दूसरा चरण का ₹2 लाख तक का लोन तभी मिलता है, जब लाभार्थी ने पहले चरण के लोन का नियमित रूप से भुगतान किया हो, डिजिटल लेनदेन को अपनाया हो और एडवांस स्किल ट्रेनिंग ले ली हो।
अन्य प्रमुख लाभ
लोन के अलावा, पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को अन्य महत्वपूर्ण लाभ भी मिलते हैं:
स्किल ट्रेनिंग: 5 से 7 दिनों की बेसिक ट्रेनिंग और 15 दिनों की एडवांस ट्रेनिंग की सुविधा।
दैनिक वजीफा (स्टाइपेंड): ट्रेनिंग के दौरान प्रतिदिन ₹500 का वजीफा (स्टाइपेंड) मिलता है।
टूलकिट प्रोत्साहन: आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए ₹15,000 तक का अनुदान (Grant) दिया जाता है।
डिजिटल प्रोत्साहन: डिजिटल लेनदेन को अपनाने पर प्रोत्साहन राशि भी मिलती है।
आवेदन प्रक्रिया
योग्य कारीगर पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए आधिकारिक पोर्टल पर या अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए निम्नलिखित मुख्य दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
आधार कार्ड
मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)
बैंक अकाउंट पासबुक
राशन कार्ड (या परिवार के सभी सदस्यों का आधार नंबर)
अपने पारंपरिक काम का प्रमाण पत्र/विवरण
यह योजना पारंपरिक कारीगरों के लिए एक सुनहरा अवसर है ताकि वे अपने कौशल को निखार सकें, आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर सकें और सस्ती ब्याज दर पर पूंजी प्राप्त कर अपने व्यवसाय को विस्तार दे सकें।
