रीवा में सिस्टम की लापरवाही से गर्भवती की हुई मौत, रास्ते में घंटों तड़पती रही

MP News-रीवा में सिस्टम की लापरवाही से एक गर्भवती महिला की मौत हो गई. सड़क नहीं होने के वजह से महिला अपने ससुराल से मायके आई, लेकिन यहां पुल पर बाढ़ का पानी होने से वह समय से अस्पताल नहीं पहुंच पाई. गर्भवती घंटों तक तड़पती रही, कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई. हैरानी की बात तो यह है कि महिला के शव को ले जाने में 40 किलोमीटर लंबा सफर तय करना पड़ा.
 
Rewa
रीवा में सिस्टम की लापरवाही से गर्भवती की हुई मौत, रास्ते में घंटों तड़पती रही
मध्यप्रदेश के रीवा में सिस्टम की लापरवाही से फिर एक मौत हो गई. सिस्टम की अनदेखी या फिर लापरवाही के चलते गर्भवती महिला ने दम तोड़ दिया. पुल पर बाढ़ का पानी होने की वजह से गर्भवती अस्पताल नहीं पहुंच सकी, रास्ते में ही घंटों तड़पती रही. काफी देर तड़पने के बाद रास्ते में हई उसने दम तोड़ दिया. महिला ससुराल में रास्ता खराब होने की वजह से मायके में रहने के लिए आई थी. 
महिला की मौत के बाद शव ले जाने में भी परिजनों को 40 किलोमीटर लंबा सफर तय करना पड़ा. बता दें कि सीधी में गर्भवती महिलाओं ने भी खराब सड़क के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है, ये मुद्दा अभी चर्चा में है. 
नदी किनारे तोड़ा दम
नदी किनारे ही प्रिया रानी करीब 2 घंटे तक तड़पती रही और परेशान होती रही. इस दौरान गांव के ही एक डॉक्टर को बुलाकर लाया गया. उसने महिला को देखा तो मृत बताया. इसके बाद परिजन किसी तरह करीब 40 किलोमीटर लंबा सफर तय करके ससुराल पहुंचे. प्रिया रानी का एक बेटा है. 
40 किलोमीटर का चक्कर
प्रिया रानी के ससुर ने बताया कि ससुराल में सड़क नहीं होने की वजह से वह मायके गई थी, ताकि मायके में सुरक्षित डिलीवरी हो सके. लेकिन उसकी मौत हो गई. उन्होंने बताया कि ससुराल में भी उसका शव लाने के लिए करीब 40 किलोमीटर का चक्कर काटकर आना पड़ा. इसके बाद अंतिम संस्कार किया गया. परिजनों का कहना है कि सही समय पर इलाज मिलता तो मौत नहीं होती. जहां बाढ़ के कारण प्रिया रानी की मौत हुई वह पुल इतना नीचा है कि जरा सी बारिश में पानी ऊपर से बहने लगता है. प्रशासन ने कभी ध्यान नहीं दिया.