MP में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी: 10 IAS अफसरों को मिल सकती है नई जिम्मेदारी!
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के विभागों में होगा फेरबदल, एसीएस और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी भी शामिल.
Sun, 16 Nov 2025
मध्य प्रदेश में जल्द ही एक और बड़ी प्रशासनिक सर्जरी देखने को मिल सकती है। राज्य सरकार प्रशासन में कसावट लाने और विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रशासनिक पुनर्गठन में 10 से अधिक वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।
क्यों हो रही प्रशासनिक सर्जरी?
यह प्रशासनिक फेरबदल मुख्य रूप से शासन-प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों को उनकी क्षमता और अनुभव के आधार पर अधिक प्रभावी भूमिकाएं देने के लिए किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय और सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा अधिकारियों के वर्तमान प्रदर्शन की गहन समीक्षा के बाद यह कदम उठाया जा रहा है। इस सर्जरी का प्रमुख लक्ष्य है:
शासन की प्राथमिकताओं का क्रियान्वयन: सरकार की प्रमुख योजनाओं और नीतियों को निचले स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करना।
प्रदर्शन आधारित तैनाती: बेहतर ट्रैक रिकॉर्ड वाले अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभागों और जिलों में तैनात करना।
अतिरिक्त प्रभार की समाप्ति: कुछ अधिकारियों को वर्तमान में दी गई अतिरिक्त जिम्मेदारियों को समाप्त कर उन्हें एक ही पद पर पूरी तरह से काम करने का मौका देना, ताकि कार्य में अनावश्यक विलंब न हो।
किन अधिकारियों पर होगा असर?
प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस फेरबदल की जद में 10 से ज्यादा वरिष्ठ IAS अधिकारी आ सकते हैं। यह सर्जरी केवल निचले स्तर के अधिकारियों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसमें शीर्ष प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारी भी शामिल होंगे:
अपर मुख्य सचिव (ACS) स्तर के अधिकारी: कम से कम एक एसीएस स्तर के अधिकारी के विभाग में महत्वपूर्ण बदलाव किया जा सकता है।
प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी: एक प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी का भी तबादला किए जाने की संभावना है।
वरिष्ठ IAS अधिकारी: कई अन्य वरिष्ठ IAS अधिकारियों को भी वर्तमान पदों से हटाकर नई और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
माना जा रहा है कि यह फेरबदल कुछ महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुखों को बदलकर सरकार की आगामी रणनीति के अनुरूप कार्यप्रणाली को ढालने का प्रयास है।
हालिया प्रशासनिक जमावट
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में पिछले कुछ महीनों से प्रशासनिक जमावट का सिलसिला जारी है। हाल ही में, सितंबर माह में राजगढ़, छतरपुर समेत 18 जिलों में जिला पंचायत सीईओ की नियुक्ति की गई थी, जिसमें से 12 जिलों में IAS अधिकारियों को सीईओ बनाया गया था। इसके अलावा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार ने कार्यभार संभालने के बाद से कई बार IAS और IPS अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादले किए हैं, जो सरकार की प्रशासनिक दक्षता पर जोर देने की नीति को दर्शाता है।
क्या है अगली संभावना?
प्रशासनिक सर्जरी को लेकर अंतिम सूची लगभग तैयार मानी जा रही है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार अगले कुछ दिनों में कभी भी इस तबादला सूची को जारी कर सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपे जाने के बाद राज्य की प्रशासनिक संरचना में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा, जिससे प्रदेश के विकास कार्यों को एक नई दिशा मिल सकती है। इस फेरबदल पर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों की निगाहें टिकी हुई हैं।
