रीवा बना साइबर ठगों का 'नया हब'? गुजरात पुलिस ने मारा छापा, एक ही कमरे से निकले 13 शातिर जालसाज
Rewa Cyber Fraud Gang: मध्य प्रदेश का रीवा जिला रविवार को एक बड़े हाई-प्रोफाइल साइबर ऑपरेशन का गवाह बना। गुजरात के सूरत से आई पुलिस और रीवा की स्थानीय पुलिस ने मिलकर शहर की शिल्पी उपवन कॉलोनी में एक किराए के मकान पर दबिश दी। इस छापेमारी में पुलिस ने 13 युवकों को रंगे हाथों साइबर ठगी करते हुए पकड़ा है। ये आरोपी रीवा में बैठकर देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को अपना शिकार बना रहे थे।
सूरत से जुड़ी ठगी की कड़ियाँ
इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत गुजरात के सूरत से हुई। वहाँ के एक रिटायर्ड कर्मचारी से साइबर ठगों ने ₹57 लाख की बड़ी रकम हड़प ली थी। ठगों ने पीड़ित को एक APK फाइल भेजी और ओटीपी (OTP) के जरिए उनके खाते का पूरा एक्सेस ले लिया। जब सूरत पुलिस ने तकनीकी जांच (Cyber Trail) शुरू की, तो लोकेशन रीवा की निकली।
छापेमारी और बरामदगी
विश्वविद्यालय थाना प्रभारी हितेंद्र नाथ शर्मा ने बताया कि सूरत पुलिस की टीम पिछले एक हफ्ते से रीवा में डेरा डाले हुए थी। साइबर सेल की मदद से सटीक लोकेशन मिलने के बाद शिल्पी उपवन कॉलोनी के एक मकान में घेराबंदी की गई।
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बरामद सामान: मौके से भारी संख्या में लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
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आरोपियों का प्रोफाइल: पकड़े गए 13 युवकों में से अधिकांश उत्तराखंड के रहने वाले हैं। इनकी उम्र 25 से 30 साल के बीच है।
ठगी का नया तरीका: APK फाइल और OTP
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह मुख्य रूप से APK फाइल का इस्तेमाल करता था। वे पीड़ित को लुभावने ऑफर या किसी जरूरी अपडेट के नाम पर एक फाइल भेजते थे। जैसे ही पीड़ित उस फाइल को इंस्टॉल करता, ठगों को उनके मोबाइल का रिमोट एक्सेस मिल जाता था। इसके बाद ओटीपी के जरिए बैंक खातों से चंद मिनटों में लाखों रुपये साफ कर दिए जाते थे।
मोहल्ले वालों के उड़े होश
हैरानी की बात यह है कि ये 13 युवक पिछले दो-तीन महीनों से इस पॉश कॉलोनी में रह रहे थे, लेकिन आसपास के पड़ोसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। मोहल्ले के लोग यह जानकर दंग रह गए कि उनके बगल के घर में देशव्यापी ठगी का सेंटर चल रहा था।
पुलिस की चेतावनी: जागरूक रहें
थाना प्रभारी ने आम जनता से अपील की है कि यदि आपके पड़ोस में इतनी बड़ी संख्या में अनजान युवक संदिग्ध रूप से रह रहे हों, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाने को दें।
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सावधानी: किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजी गई लिंक या APK फाइल को कभी भी ओपन न करें और न ही इंस्टॉल करें।
निष्कर्ष: बड़ा खुलासा होने की उम्मीद
पुलिस का मानना है कि इन 13 युवकों से पूछताछ के बाद एक अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का पर्दाफाश हो सकता है। फिलहाल, पकड़े गए सभी आरोपियों को विश्वविद्यालय थाने ले जाया गया है, जहाँ गुजरात और रीवा पुलिस की टीम उनसे गहन पूछताछ कर रही है।
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