रीवा: मनगवां TI और 3 पुलिसकर्मी NDPS केस में सस्पेंड | Rewa Police News

रीवा के मनगवां थाने में NDPS कार्रवाई में हेरफेर का बड़ा मामला। एसपी ने टीआई समेत 3 पुलिसकर्मियों को किया सस्पेंड। पढ़ें पूरी खबर और भ्रष्टाचार का खुलासा।
 
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मध्य प्रदेश के रीवा जिले से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दम भरने वाली पुलिस के अपने ही कारिंदे अब भ्रष्टाचार और अनियमितता के घेरे में हैं। रीवा पुलिस अधीक्षक (SP) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मनगवां थाना प्रभारी (TI) समेत तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

​इन पर एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत की गई एक कार्रवाई में गंभीर हेरफेर और साक्ष्यों के साथ खिलवाड़ करने का आरोप है।

​घटना का मुख्य विवरण: क्या है पूरा मामला?

​यह पूरा मामला मनगवां थाना क्षेत्र में हुई एक मादक पदार्थों की जब्ती से जुड़ा है। मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम ने कुछ समय पूर्व भारी मात्रा में नशीली सामग्री (संभवतः कोरेक्स या गांजा) जब्त की थी। कागजों पर कार्रवाई तो दिखाई गई, लेकिन जब इस केस की बारीकी से समीक्षा की गई, तो परतें खुलने लगीं।

​मुख्य आरोप:

​जब्ती में हेरफेर: आरोप है कि पुलिस टीम ने जितनी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद किया था, रिकॉर्ड में उसे काफी कम दिखाया गया।

​आरोपियों को लाभ पहुंचाना: पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने मुख्य तस्करों को बचाने या उनकी धाराओं को हल्का करने के लिए साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की।

​आर्थिक लेनदेन की आशंका: प्राथमिक जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि इस पूरी 'सेटिंग' के पीछे मोटी रकम का लेन-देन हुआ है।

​प्रशासनिक हंटर: कौन-कौन हुआ सस्पेंड?

​रीवा एसपी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर निम्नलिखित अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है:

​थाना प्रभारी (TI): जिन्हें पूरी यूनिट की कमान संभालनी थी, वे ही इस गड़बड़झाले के सूत्रधार पाए गए।

​दो अन्य पुलिसकर्मी: इनमें एक उपनिरीक्षक (SI) और एक आरक्षक (Constable) शामिल बताए जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर उस रेड का हिस्सा थे।

​पुलिस महानिरीक्षक (IG) और एसपी का सख्त रुख

​रीवा पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच के दौरान पाया गया कि पुलिसकर्मियों ने अपनी ड्यूटी के प्रति घोर लापरवाही बरती और विभाग की छवि को धूमिल किया।

​"वर्दी पहनकर अपराधियों को संरक्षण देना सबसे बड़ा अपराध है। मनगवां थाने के इस प्रकरण में प्रथम दृष्टया अनियमितता की पुष्टि हुई है, जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है। विभागीय जांच (Departmental Inquiry) के बाद कठोरतम दंड दिया जाएगा।" — अधिकारिक सूत्र, रीवा पुलिस

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