Rewa News: रोझौही न्यूक्लियर प्लांट के विरोध में जल सत्याग्रह जारी
रीवा के रोझौही में प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध में सातवें दिन भी जल सत्याग्रह जारी है। प्रमोद शर्मा के आमरण अनशन का तीसरा दिन, विमला आदिवासी की मृत्यु के बाद निकाला गया मशाल जुलूस।
रीवा जिले के रोझौही में प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध में ग्रामीणों और आदिवासी समुदाय का जल सत्याग्रह लगातार सातवें दिन भी जारी है। आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेश प्रवक्ता प्रमोद शर्मा के नेतृत्व में शुरू हुए इस आंदोलन में अब आमरण अनशन भी शामिल हो गया है। प्रमोद शर्मा के आमरण अनशन का तीसरा दिन है। आंदोलनकारी पानी के भीतर खड़े होकर अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
आंदोलन में शामिल ग्रामीणों और आदिवासियों का कहना है कि उनकी समस्याओं और प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर उठाई जा रही चिंताओं पर प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए। आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों के समाधान के लिए शासन-प्रशासन से संवाद की अपेक्षा जताई है।
विमला आदिवासी की मृत्यु के बाद निकाला गया मशाल जुलूस
जल सत्याग्रह के दौरान पांचवें दिन रात करीब आठ बजे आंदोलन में शामिल विमला आदिवासी की तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना से आंदोलन में शामिल लोगों और आदिवासी समुदाय में शोक का माहौल है। हालांकि, उनकी मृत्यु के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विमला आदिवासी की मृत्यु के बाद आंदोलनकारियों में चिंता और नाराजगी बढ़ गई। इसके बाद छठवें दिन रात को आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रमोद शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों और आदिवासियों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर विशाल मशाल जुलूस निकाला।
मशाल जुलूस के माध्यम से आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध और ग्रामीणों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
आंदोलनकारियों का कहना है कि विमला आदिवासी की मृत्यु की घटना ने उनके संघर्ष को और गंभीर बना दिया है। वे चाहते हैं कि उनकी मांगों पर संबंधित अधिकारी ध्यान दें और समस्याओं के समाधान के लिए ठोस पहल की जाए।
प्रमोद शर्मा का आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी
आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रमोद शर्मा रोझौही में प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध में आमरण अनशन पर बैठे हैं। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, उनके अनशन का तीसरा दिन है। वे आंदोलन स्थल पर गंगा तालाब के पास बनाई गई झोपड़ी में रहकर अनशन जारी रखे हुए हैं।
प्रमोद शर्मा के आमरण अनशन पर बैठने के बाद आंदोलन को आगे बढ़ाने और जल सत्याग्रह के संचालन की जिम्मेदारी पार्टी के जिला अध्यक्ष रवि मिश्रा ने संभाली है। रवि मिश्रा ग्रामीणों और आदिवासी समुदाय के साथ मिलकर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।
आंदोलनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के बजाय शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जारी रखना चाहते हैं। उनका उद्देश्य प्रस्तावित परियोजना को लेकर ग्रामीणों की चिंताओं और समस्याओं को प्रशासन के सामने रखना है।
रवि मिश्रा ने संभाली जल सत्याग्रह की कमान
प्रमोद शर्मा के आमरण अनशन पर बैठने के बाद आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष रवि मिश्रा जल सत्याग्रह के संचालन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। आंदोलन स्थल पर ग्रामीणों और आदिवासियों का जुटना जारी है। प्रदर्शनकारी पानी के भीतर खड़े होकर अपनी मांगों के समर्थन में विरोध जता रहे हैं।
आंदोलनकारियों के अनुसार, प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर उनकी चिंताओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। वे चाहते हैं कि प्रशासन उनकी बात सुने और संबंधित मुद्दों पर स्पष्ट स्थिति सामने रखे।
जल सत्याग्रह में शामिल लोगों का कहना है कि किसी भी बड़ी परियोजना के संबंध में स्थानीय ग्रामीणों की चिंताओं, संभावित प्रभावों और उनकी मांगों पर चर्चा जरूरी है। हालांकि, परियोजना के वास्तविक प्रभावों और उससे संबंधित तकनीकी पहलुओं का आकलन आधिकारिक दस्तावेजों तथा विशेषज्ञों की जानकारी के आधार पर किया जाना चाहिए।
आगे के आंदोलन की रणनीति तैयार
रोझौही में जारी जल सत्याग्रह के बीच आंदोलनकारी आगे के कार्यक्रमों की रणनीति तैयार कर रहे हैं। विमला आदिवासी की मृत्यु के बाद आंदोलन का मुद्दा और संवेदनशील हो गया है। ग्रामीणों और आदिवासी समुदाय के लोग अपनी मांगों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।
आम आदमी पार्टी के नेताओं और आंदोलनकारियों की ओर से कहा गया है कि जल सत्याग्रह जारी रहेगा और आगे के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। आंदोलन के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं और प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर उनकी चिंताओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल रोझौही में आंदोलन सातवें दिन भी जारी है और प्रमोद शर्मा आमरण अनशन पर बैठे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन की ओर से आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं और इस विरोध को लेकर आगे क्या निर्णय सामने आता है.