दमोह में रूह काँप देने वाली वारदात: 9 महीने के मासूम को पड़ोसी ने बनाया हवस का शिकार? पुलिस ने आरोपी को दबोचा!
मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक अत्यंत विचलित करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एक 9 महीने के दुधमुंहे बच्चे के साथ उसके ही पड़ोसी ने अमानवीय कृत्य किया है। घटना के बाद मासूम की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पड़ोसी को हिरासत में ले लिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना दमोह के एक ग्रामीण इलाके की है। शनिवार की दोपहर जब बच्चे की माँ घर के कामों में व्यस्त थी, तभी पड़ोसी युवक ने मौके का फायदा उठाकर बच्चे को बहला-फुसलाकर (या सोते हुए) अपने पास ले गया। कुछ देर बाद जब माँ ने बच्चे को नहीं पाया, तो उसकी तलाश शुरू की।
खोजबीन के दौरान बच्चा पड़ोसी के घर में लहूलुहान और बेसुध हालत में मिला। बच्चे के शरीर पर चोट के निशान और उसकी हालत देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
अस्पताल में भारी हंगामा और तनाव
परिजनों ने तुरंत बच्चे को जिला अस्पताल पहुँचाया। जैसे ही यह खबर शहर में फैली, अस्पताल परिसर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों में आरोपी के प्रति भारी गुस्सा देखा गया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे की आंतरिक और बाहरी चोटें काफी गंभीर हैं, जिसके कारण उसे तुरंत उच्च केंद्र (Higher Center) रेफर करना पड़ा।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दमोह पुलिस अधीक्षक (SP) ने तुरंत टीम गठित कर आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी पड़ोसी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया है या नहीं, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है, लेकिन पुलिस ने उस पर पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और हत्या के प्रयास जैसी संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है।
"यह एक बेहद जघन्य अपराध है। हमने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है। हम सुनिश्चित करेंगे कि इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले।" — स्थानीय पुलिस अधिकारी
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। ग्रामीणों ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया है।
निष्कर्ष
9 महीने के मासूम के साथ इस तरह की दरिंदगी समाज की विकृत मानसिकता को दर्शाती है। यह घटना हमें फिर से सोचने पर मजबूर करती है कि हमारे आसपास रहने वाले लोग कितने सुरक्षित हैं। फिलहाल, पूरा दमोह मासूम की सलामती के लिए दुआएं कर रहा है।
अभिभावकों के लिए सुरक्षा सुझाव
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अपने छोटे बच्चों को कभी भी किसी पड़ोसी या अनजान व्यक्ति के पास अकेला न छोड़ें, चाहे वे कितने भी परिचित क्यों न हों।
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घर के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें।
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बच्चों के व्यवहार में किसी भी अचानक बदलाव या शारीरिक चोट को नजरअंदाज न करें।
