रीवा के इको टूरिज्म पार्क में एंट्री फीस को लेकर बवाल, आम आदमी पार्टी के विरोध के बाद जनता को मिला मुफ्त प्रवेश

रीवा के इको टूरिज्म एंड एडवेंचर पार्क में कथित अवैध एंट्री फीस वसूली के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने प्रदर्शन किया। प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की गई।
 
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रीवा के इको टूरिज्म एंड एडवेंचर पार्क में कथित तौर पर अवैध रूप से एंट्री फीस वसूले जाने के मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को पार्क परिसर में पहुंचकर इस मुद्दे के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन कर आम नागरिकों से जबरन प्रवेश शुल्क वसूला जा रहा था। पार्टी नेताओं ने इसे जनता के अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।

आम आदमी पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इको टूरिज्म एंड एडवेंचर पार्क में पहुंचकर तथ्यों की जांच की। पार्टी का दावा है कि पार्क संचालन से जुड़े ठेकेदार द्वारा आम नागरिकों और पर्यटकों से प्रवेश शुल्क लिया जा रहा था, जबकि संबंधित अनुबंध में ऐसी किसी प्रकार की अनुमति का प्रावधान नहीं है। विरोध के दौरान पार्टी ने इसे "अवैध वसूली" करार देते हुए प्रशासन को मौके पर बुलाया और मामले की शिकायत दर्ज कराई।

अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन का आरोप

आप नेताओं का कहना है कि पार्क संचालन के लिए हुए रियायत समझौते (Concession Agreement) में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यह परियोजना सार्वजनिक सुविधा के उद्देश्य से संचालित की जाएगी। समझौते की शर्तों के अनुसार किसी भी वास्तविक आगंतुक या नागरिक को पार्क में प्रवेश से रोका नहीं जा सकता और न ही उससे मनमाने ढंग से शुल्क लिया जा सकता है।

पार्टी ने दावा किया कि समझौते की क्लॉज "सी" में यह स्पष्ट उल्लेख है कि रियायत प्राप्तकर्ता (Concessionaire) को किसी भी नागरिक को पार्क के उपयोग से वंचित करने अथवा बाधित करने का अधिकार नहीं है। इसके बावजूद प्रवेश शुल्क के नाम पर नागरिकों से राशि वसूली जा रही थी, जो अनुबंध की भावना और नियमों के विरुद्ध है।

मौके पर पहुंचा प्रशासन

प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधियों ने प्रशासन के समक्ष संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए और अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

सूत्रों के अनुसार अधिकारियों ने मामले की प्राथमिक जानकारी जुटाई और दोनों पक्षों की बात सुनी। हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया, लेकिन मामले की जांच की बात कही जा रही है।

पार्टी का दावा है कि उनके हस्तक्षेप के बाद पार्क में आम नागरिकों के लिए प्रवेश को निशुल्क कर दिया गया और उस समय मौजूद लोगों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया गया।

जनता के अधिकारों की रक्षा का दावा

प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर नागरिकों के अधिकारों का संरक्षण लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी सार्वजनिक सुविधा का संचालन निजी एजेंसी के माध्यम से किया जा रहा है तो भी उसे अनुबंध और कानून के दायरे में रहकर कार्य करना होगा।

पार्टी नेताओं का कहना है कि किसी भी प्रकार की अनधिकृत वसूली आम लोगों पर आर्थिक बोझ डालती है और इससे सरकारी परियोजनाओं की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न लगता है। उन्होंने कहा कि जनता के हितों की रक्षा के लिए पार्टी आगे भी इसी प्रकार आवाज उठाती रहेगी।

स्थानीय नागरिकों ने भी जताई नाराजगी

प्रदर्शन के दौरान मौजूद कुछ स्थानीय नागरिकों ने भी कथित एंट्री फीस वसूली को लेकर नाराजगी जाहिर की। लोगों का कहना था कि पार्क को विकसित करने का उद्देश्य आम जनता को मनोरंजन और पर्यटन की सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यदि प्रवेश के लिए अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा तो इससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों की पहुंच सीमित हो जाएगी।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की कि पार्क संचालन की पूरी व्यवस्था की जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

पार्क का बढ़ता महत्व

इको टूरिज्म एंड एडवेंचर पार्क रीवा क्षेत्र का एक प्रमुख पर्यटन और मनोरंजन केंद्र बनता जा रहा है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, छात्र, युवा और पर्यटक पहुंचते हैं। प्राकृतिक वातावरण और साहसिक गतिविधियों के कारण यह पार्क तेजी से लोकप्रिय हुआ है।

ऐसे में प्रवेश शुल्क और संचालन व्यवस्था को लेकर उठे विवाद ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक सुविधाओं के संचालन में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है ताकि जनता का विश्वास बना रहे।

आम आदमी पार्टी की चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने प्रशासन और संबंधित ठेकेदार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में दोबारा किसी भी नागरिक से अवैध रूप से एंट्री फीस वसूलने का प्रयास किया गया तो पार्टी व्यापक आंदोलन करेगी।

नेताओं ने कहा कि जनता के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की असंवैधानिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कई पदाधिकारी रहे मौजूद

विरोध प्रदर्शन में पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार कार्यक्रम में प्रदेश प्रवक्ता प्रमोद शर्मा, जिला संगठन मंत्री रवि मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष राजेश दुबे, ओबीसी जिला अध्यक्ष महेश सिंह, अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष नूर भाई, जिला उपाध्यक्ष रवि पाण्डेय, मजदूर विंग जिला अध्यक्ष अनिल शर्मा, एससी जिला अध्यक्ष महेंद्र वर्मा, जिला प्रवक्ता विजयकांत तिवारी सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।

संगठन मंत्री रवेन्द्र मिश्रा ने कहा कि आम आदमी पार्टी जनहित के मुद्दों पर लगातार संघर्ष करती रहेगी और सार्वजनिक संपत्तियों पर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली को स्वीकार नहीं करेगी।

जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें

फिलहाल पूरे मामले में लोगों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई संभव है। वहीं यदि शुल्क वसूली के पीछे कोई वैध प्रावधान मौजूद है तो उसे सार्वजनिक किया जाना भी आवश्यक होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच से ही विवाद समाप्त हो सकता है। इससे न केवल जनता का विश्वास बढ़ेगा बल्कि भविष्य में सार्वजनिक परियोजनाओं के संचालन के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश सुनिश्चित होंगे।

रीवा के इको टूरिज्म एंड एडवेंचर पार्क को लेकर सामने आया यह विवाद अब प्रशासनिक जांच और राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष और प्रशासनिक निर्णय यह तय करेंगे कि इस मामले में किस पक्ष के दावे सही साबित होते हैं। फिलहाल आम आदमी पार्टी ने इसे जनता के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए संघर्ष जारी रखने का संकेत दिया है।

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