पश्चिमी विक्षोभ फिर बिगाड़ेगा एमपी का मौसम
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक बारिश का अनुमान जताया, ठंड और कोहरे के बीच बढ़ेंगी अस्थिर स्थितियाँ
Mon, 12 Jan 2026
मध्यप्रदेश में मौसम फिर से करवट लेने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा अनुमान के अनुसार एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर प्रदेश के ऊपर दिखाई दे रहा है, जिससे अगले दो दिनों तक प्रदेश में मौसम बिगड़ने की संभावना है। इसके चलते कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक, और तेज हवाओं का अनुभव हो सकता है, साथ ही ठंड और कोहरे का प्रभाव भी जारी रहेगा।
पश्चिमी विक्षोभ क्या है और कैसे प्रभावित करेगा मौसम?
पश्चिमी विक्षोभ एक ऊँचाई पर बनने वाली मौसम प्रणाली है जो मुख्यतः यूरोप-एशिया दक्षिणी हिस्सों से भारत की तरफ आगे बढ़ते हुए मौसम को प्रभावित करती है। यह सिस्टम सामान्यतः सर्दियों और उत्तर भारत के शुरुआती मौसम में सक्रिय होता है और मौसम में अस्थिरता, बादलों की बढ़ोतरी और बारिश/ओलावृष्टि जैसी गतिविधियों को जन्म देता है।
जब यह विक्षोभ कम दबाव की स्थिति बनाता है, तो इससे हवाओं की दिशा और गति बदलती है, नमी का प्रवाह अधिक होता है, और बादल बनकर वर्षा का रूप ले लेते हैं। इसी वजह से मध्य प्रदेश जैसे केंद्रीय भारत के राज्यों में भी इसका प्रभाव महसूस होता है। पिछले कुछ वर्षों में मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण जनवरी जैसे मौसम में भी बारिश और अस्थिर मौसम की घटनाएँ अधिक बार देखने को मिल रही हैं।
एमपी में अगले 48 घंटे — बारिश और हवाओं का प्रभाव
मौसम विभाग के ताज़ा अनुमान के अनुसार:
अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज और बूंदाबांदी की संभावना है।
कुछ क्षेत्रों में तेज़ हवाएँ और आकाशीय बिजली जैसी स्थिति भी बन सकती है, जिससे किसानों, यात्रियों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
तापमान में तेजी से गिरावट नहीं होगी, लेकिन बादलों की मौजूदगी के कारण दिन के तापमान में सामान्य से कम रिकॉर्ड हो सकता है।
रात के समय कोहरा और शीतलहर के प्रभावों से दृश्यता और वाहन यात्रा प्रभावित हो सकती हैं।
ये संकेत इस बात के हैं कि मौसम विभाग ने आम जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभावों पर नजर रखते हुए आवश्यक चेतावनियाँ जारी की हैं।
ठंड और कोहरे का डबल प्रभाव — मौसम और जनजीवन पर असर
रामपुर, सागर, जबलपुर और उज्जैन जैसे जिलों में सर्द हवा के साथ कोहरे का प्रकोप जारी है। पिछले कुछ दिनों से न्यूनतम तापमान 5°C के आसपास रिकार्ड किया जा रहा है, जो जनवरी के मानकों से काफ़ी कम है।
ऐसे मौसम में:
कोहरा सड़कों पर दृष्यता कम कर सकता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
किसान खास तौर पर सवेरे-सांझ को कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण प्रभावित हो सकते हैं, जैसे फसलों पर ओस जमना या खेतों में नमी का बढ़ना।
विद्यालयों और कार्यालयों में देर से आगमन की स्थिति बन सकती है।
कुछ इलाकों में परिवहन सेवाओं पर भी असर देखने को मिल सकता है।
ये समस्याएँ खास तौर पर सुबह-सुबह और रात में अधिक महसूस की जा रही हैं, जब कोहरे की स्थिति सबसे गहरी होती है।
बारिश का अनुमान — कहाँ और कितना?
IMD के अनुमान के मुताबिक:
मुख्यतः उत्तरी और मध्य मध्यप्रदेश के जिलों में बारिश की संभावना अधिक है।
बारिश की तीव्रता हल्की से मध्यम है, लेकिन गरज-चमक और तेज हवाएँ भी कहीं-कहीं देखी जा सकती हैं।
बारिश के साथ तापमान में थोड़ी गिरावट के संकेत हैं, जिससे अगले दिनों में मौसम में और अधिक ठंडक महसूस होगी।
विशेषज्ञों ने बताया है कि यह बारिश पूरी तरह से मॉनसून जैसी नहीं होगी, बल्कि सर्दियों के मौसम का सामान्य अस्थिर प्रभाव है, जो पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से बन रहा है।
कैसे रहें तैयार — सुझाव और सावधानियाँ
मौसम विभाग और विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार:
बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों में रहना सुरक्षित नहीं है।
ताकतवर हवाओं में यात्रा करते समय वाहन की गति नियंत्रित रखें।
कोहरे के समय ड्राइव करते समय हाई-बीम लाइट का उपयोग सावधानी से करें।
किसानों को फसलों पर ओले और गिरती बारिश से नमी के असर को ध्यान में रखते हुए तैयारी करनी चाहिए।
यदि आवश्यक हो तो अपडेट मौसम अलर्ट के लिए स्थानीय मौसम बुलेटिन का पालन करें।
क्या आगे मौसम में स्थिरता आएगी?
मौसम विभाग के मानकों के अनुसार यह सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ कुछ ही दिनों का है। अगले दो दिनों के बाद इसका असर कम होने की संभावना जताई जा रही है, और इसके बाद अगले लगभग 7-8 दिनों में मौसम कुछ हद तक सामान्य स्थिति की ओर बढ़ सकता है, हालांकि फिर से कोहरे और सर्द हवा का प्रभाव दिखाई दे सकता है।
