8वां वेतन आयोग: क्या DA का बेसिक में होगा विलय? केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी अपडेट
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आने वाला समय बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू हैं, लेकिन अब चर्चा का बाजार 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर गर्म है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार 8वें वेतन आयोग के गठन से पहले महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन (Basic Pay) में मिलाएगी?
1. 8वें वेतन आयोग की पृष्ठभूमि और मांग
आमतौर पर केंद्र सरकार हर 10 साल में एक नए वेतन आयोग का गठन करती है ताकि कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन को मुद्रास्फीति (Inflation) के अनुसार संशोधित किया जा सके। 7वां वेतन आयोग 2014 में बैठा था और इसकी सिफारिशें 2016 से लागू हुई थीं। इस लिहाज से, 2026 में 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होनी चाहिए।
कर्मचारी यूनियनों का तर्क है कि बढ़ती महंगाई और निजी क्षेत्र के वेतन स्तर को देखते हुए 8वें वेतन आयोग का गठन अब अनिवार्य हो गया है। सरकार पर इस बात का दबाव है कि वह जल्द से जल्द आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की घोषणा करे।
2. DA का बेसिक सैलरी में विलय: क्या है 50% का नियम?
एक समय यह नियम चर्चा में था कि जैसे ही महंगाई भत्ता (DA) 50% की सीमा को पार करेगा, उसे मूल वेतन में मर्ज कर दिया जाएगा।
वर्तमान स्थिति: जनवरी 2024 से DA 50% तक पहुंच चुका है।
संदेह: 5वें और 6वें वेतन आयोग के दौरान DA का विलय बेसिक में किया गया था, लेकिन 7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट में इस स्वचालित विलय (Automatic Merger) का उल्लेख नहीं किया गया था।
असर: यदि 50% DA को बेसिक में मिला दिया जाता है, तो कर्मचारियों के अन्य भत्ते (जैसे HRA, TA) भी बढ़ जाएंगे क्योंकि वे बेसिक सैलरी के प्रतिशत पर आधारित होते हैं।
3. वेतन वृद्धि का अनुमानित फॉर्मूला
8वें वेतन आयोग में वेतन वृद्धि के लिए 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor) सबसे अहम कड़ी होगी।
7वें वेतन आयोग में: फिटमेंट फैक्टर 2.57 गुना था।
8वें वेतन आयोग की मांग: कर्मचारी यूनियन इसे बढ़ाकर 3.68 गुना करने की मांग कर रहे हैं।
यदि ऐसा होता है, तो न्यूनतम वेतन जो अभी ₹18,000 है, वह बढ़कर ₹26,000 या उससे अधिक हो सकता है।
4. कर्मचारियों पर इसका वित्तीय प्रभाव
वेतन आयोग केवल सैलरी बढ़ाने का साधन नहीं है, बल्कि यह भविष्य की बचत (PF) और सेवानिवृत्ति के लाभों (Gratuity) को भी सीधे प्रभावित करता है। 8वें वेतन आयोग के लागू होने से 48 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और 67 लाख पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा।