8th Pay Commission Update: क्या केंद्रीय कर्मचारियों का DA 74% तक जाएगा? जानें 8वें वेतन आयोग पर लेटेस्ट अपडेट
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आने वाला समय बड़े बदलावों वाला हो सकता है। हाल ही में सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन के बाद कर्मचारियों की सैलरी में भारी इजाफा देखने को मिल सकता है। सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा 74% महंगाई भत्ते (DA) को लेकर सामने आ रहा है।
आइए विस्तार से समझते हैं कि इस दावे में कितनी सच्चाई है, 8वें वेतन आयोग की स्थिति क्या है और कर्मचारियों की सैलरी पर इसका क्या असर पड़ेगा।
8वें वेतन आयोग का गठन और सरकार का रुख
वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के तहत वेतन और भत्ते मिल रहे हैं। आमतौर पर केंद्र सरकार हर 10 साल में एक नए वेतन आयोग का गठन करती है ताकि महंगाई और आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर कर्मचारियों की सैलरी की समीक्षा की जा सके।
7वां वेतन आयोग: 2014 में गठित हुआ और 2016 में लागू हुआ।
8वां वेतन आयोग: यदि 10 साल का नियम देखें, तो इसे 2024-25 तक गठित हो जाना चाहिए ताकि 1 जनवरी 2026 से इसे लागू किया जा सके।
हालांकि, सरकार ने अभी तक आधिकारिक तौर पर 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा नहीं की है, लेकिन कर्मचारी संगठनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
क्या DA वाकई 74% तक पहुंच सकता है?
सोशल मीडिया पर चल रही रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग के लागू होने तक महंगाई भत्ते में जबरदस्त उछाल आने की उम्मीद है।
इसके पीछे का गणित:
वर्तमान स्थिति: वर्तमान में महंगाई भत्ता 50% या उससे अधिक के स्तर पर है।
अर्धवार्षिक वृद्धि: सरकार साल में दो बार (जनवरी और जुलाई) DA में संशोधन करती है। यदि AICPI (All India Consumer Price Index) के आंकड़े इसी तरह बढ़ते रहे, तो अगले दो सालों में यह आंकड़ा 70% के पार जा सकता है।
मर्जर की संभावना: चर्चा यह भी है कि यदि 8वां वेतन आयोग लागू होता है, तो मौजूदा DA को बेसिक सैलरी में मर्ज (Merge) किया जा सकता है, जिससे कर्मचारियों की बेसिक पे में बंपर बढ़ोतरी होगी।
वेतन और पेंशन पर होने वाला संभावित असर
यदि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें स्वीकार की जाती हैं, तो फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) में भी बदलाव होगा।
फिटमेंट फैक्टर: 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 गुना था। कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि इसे बढ़ाकर 3.68 गुना किया जाए।
न्यूनतम वेतन: यदि फिटमेंट फैक्टर बढ़ता है, तो न्यूनतम वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹26,000 या उससे अधिक हो सकता है।
पेंशनभोगी: वेतन वृद्धि का सीधा लाभ देश के 65 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को भी मिलेगा, जिससे उनकी पेंशन में सम्मानजनक वृद्धि होगी।
कर्मचारी संगठनों की मांग
विभिन्न रेलवे और सिविल सेवा कर्मचारी यूनियनों ने सरकार को ज्ञापन सौंपे हैं। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
बढ़ती महंगाई को देखते हुए जल्द से जल्द वेतन आयोग का गठन।
वेतन विसंगतियों को दूर करना।
न्यूनतम वेतन और पेंशन में तर्कसंगत वृद्धि।