Budget 2026: इनकम टैक्स में बड़ी राहत की उम्मीद! टैक्स स्लैब, डिडक्शन, मिडिल-क्लास के लिए केंद्र केंद्रित घोषणाएँ
जानें Union Budget 2026 में क्या-क्या खास हो सकता है — Income Tax स्लैब में संभावित बदलाव, टैक्स रिलीफ, स्टैंडर्ड डिडक्शन वृद्धि, सीनियर सिटीजन राहत, AI व MSME-प्रोत्साहन के साथ पूर्ण Budget Expectations हिंदी समाचार
Mon, 12 Jan 2026
भारत सरकार जल्द ही 1 फ़रवरी 2026 को यूनियन बजट 2026-27 पेश करने जा रही है। इस बार का बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का नौवां बजट होगा और यह मोदी 3.0 सरकार का तीसरा पूर्ण बजट माना जा रहा है। बजट सत्र 28 जनवरी 2026 से शुरू होकर 2 अप्रैल 2026 तक दोनों सदनों में चलेगा।
सरकार की तैयारियाँ जोरों पर हैं और देश भर के टैक्सपेयर्स, उद्योग, निवेशक, विशेषज्ञ और आम जनता के लिए इस बजट में कई बड़े ऐलान होने की संभावनाएँ जताई जा रही हैं। मुख्य तौर पर सरकार का फोकस टैक्स सुधार (tax reforms), इनकम टैक्स में राहत, कंजम्पशन बढ़ाना, MSMEs को बढ़ावा, स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा टेक्नोलॉजी सेक्टर पर प्रोत्साहन पर रहेगा।
📅 बजट 2026 का महत्त्व और समय
• यूनियन बजट हर वर्ष केंद्र सरकार का सबसे बड़ा आर्थिक दस्तावेज़ होता है, जिसमें अगले वित्त वर्ष का राजकोषीय रोडमैप, राजस्व और व्यय अनुमान, टैक्स स्लैब और नीतिगत घोषणाएँ शामिल होती हैं।
• पिछली बार बजट 2025-26 में वित्त मंत्री ने नई टैक्स रीजीम में कुछ राहतें दी थीं, जैसे की 12 लाख तक की इनकम को टैक्स-फ्री कर दिया जाना, जिससे मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स को राहत मिली।
• अब बजट 2026-27 में इन पहलों को और आगे ले जाने की उम्मीद है — खासकर इनकम टैक्स स्लैब, स्टैंडर्ड डिडक्शन, 80C डिडक्शन लिमिट, टीडीएस छूट और नियमों में सरलता जैसे प्रमुख विषयों पर।
💰 इनकम टैक्स में क्या-क्या बदलाव की उम्मीद? (Income-Tax Expectations)
🧾 1) इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव?
सबसे बड़ा चर्चा यह है कि टैक्स स्लैब में बड़ा संशोधन हो सकता है। विश्लेषकों और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की मांग है कि 30% वाले उच्च टैक्स ब्रैकेट की लिमिट को मौजूदा ₹24 लाख से बढ़ाकर ₹40-50 लाख तक किया जाए, ताकि मध्यम वर्ग और उच्च कमाई वाले करदाताओं को राहत मिले।
अगर ऐसा हुआ तो ₹24 लाख से ₹40-50 लाख तक की आय पर टैक्स-लेबल राइटर स्कीम में टैक्स की दर समान रहते हुए भी करदाताओं की जेब में अधिक बचत रहेगी, जिससे खर्च और निवेश में सुधार कर सकें।
📈 2) स्टैंडर्ड डिडक्शन और टैक्स-फ्री लिमिट में वृद्धि?
पिछले बजट में स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा ₹75,000 रखी गई थी। अब यह सीमा ₹1 लाख तक बढ़ाने की मांग जोर पकड़ी है — इससे सैलरीभोगी कर्मचारियों को टैक्स में और राहत मिलेगी।
📊 3) सेक्शन 80C डिडक्शन में बढ़ोतरी का प्रस्ताव
उद्योग और वित्तीय सलाहकारों का सुझाव है कि सेक्शन 80C का लिमिट ₹1.5 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख किया जाए। ऐसा होने पर निवेश और बचत को बढ़ावा मिलेगा और टैक्स-पेयर की कुल टैक्स देनदारी कम होगी।
👵 4) वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत
वृद्ध नागरिक टैक्सपेयर्स को उम्मीद है कि इस बार बजट में बुनियादी छूट (basic exemption) सीमा और पेंशन/ब्याज आय पर टैक्स-हल्का बदलाव जैसे प्रावधानों के जरिए वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त राहत मिले।
📉 5) टैक्स कंप्लायंस को सरल बनाना
टैक्सपेयर चाहते हैं कि आयकर रिटर्न (ITR) फ़ाइलिंग, नोटिस और नियमों को सरल बनाया जाए — जिससे टैक्सदाता कम जटिलताओं और फालतू नोटिस से पीड़ित न हों।
🪙 अन्य टैक्स-रिलेटेड उम्मीदें
• डेट म्यूचुअल फंड टैक्स नियमों में बदलाव की मांग है ताकि SIP-निवेशकों को राहत मिले।
• क्रिप्टोकरेंसी निवेश पर टैक्स-कानून में सुधार की टिप्पणियाँ सामने आई हैं, जिससे क्रिप्टो-इन्वेस्टर्स भी राहत की उम्मीद रखते हैं।
📊 सरकार का फोकस Tax Reforms पर क्यों?
सरकार पिछले कुछ वर्षों से टैक्स सुधारों पर लगातार ध्यान दे रही है — न केवल टैक्स स्लैब/दरें बदलना बल्कि नियमों को सरल, पारदर्शी और कंप्लायंस-फ्रेंडली बनाना। इसका लक्ष्य है:
✅ टैक्सपेयर को राहत देना
✅ कॉन्श्यूमर कंजम्पशन बढ़ाना
✅ निवेश को प्रोत्साहित करना
✅ GST तथा डायरेक्ट टैक्स सिस्टम में अनावश्यक जटिलताओं को हटाना
और ये सब आर्थिक वृद्धि, राष्ट्रीय विकास और रोजगार सृजन को बूस्ट करने की दिशा में लिया गया कदम माना जाता है।
📌 बजट 2026: टैक्सपेयर एवं अर्थशास्त्रियों की प्रमुख मांगें
सैलरीभोगी, मिडिल-क्लास परिवार और टैक्सपेयर के लिए कुछ प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
🔥 बुनियादी छूट (Basic Exemption) सीमा में वृद्धि
🔥 80C, 80D डिडक्शन की बढ़ोतरी
🔥 30% स्लैब की सीमा को ऊपर उठाना
🔥 Senior citizens को Tax-Benefits
🔥 Simplified ITR Filing & fewer notices
🔥 Capital gains एवं डेट म्यूचुअल टैक्स नियमों में सुधार
📈 अन्य सेक्टर्स और क्षेत्रीय उम्मीदें (Beyond Tax)
बजट 2026 में टैक्स के अलावा कुछ अन्य विषयों पर भी चर्चा और उम्मीदें हैं:
🧠 1) AI एवं तकनीकी सेक्टर में निवेश
सरकार एआई, डेटा सेंटर्स और डिजिटल इकोसिस्टम में ग्लोबल इनवेस्टमेंट आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन दे सकती है। इससे टेक-सेक्टर को और गति मिलेगी और रोज़गार सृजन में मदद मिलेगी।
🏥 2) हेल्थकेयर सेक्टर
स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश और आयुष्मान भारत जैसे योजनाओं को मजबूत करने के लिए बजट में अतिरिक्त निवेश पूर्वानुमानित है। फार्मा कंपनियों की ओर से कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर टैक्स छूट की मांग भी उठी है।
🏨 3) छोटे उद्योग और MSMEs को बढ़ावा
छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए टैक्स बेनिफिट्स की मांग भी सामने आई है — जैसे होटल और पर्यटन परियोजनाओं के लिए टैक्स इंसेंटिव।
📈 4) रोज़गार सृजन और आर्थिक वृद्धि
इकोनॉमिस्टों का मानना है कि बजट में रोजगार के अवसर बढ़ाने, निर्यात को प्रोत्साहित करने और निवेश को आकर्षित करने वाले उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि जीडीपी वृद्धि को और तेज किया जा सके।
📰 संक्षेप में: Budget 2026 Expectations
इस बजट से अधिकांश टैक्सपेयर्स और विशेषज्ञों को निम्नलिखित मुख्य बदलावों की उम्मीद है:
✔ टैक्स स्लैब में वृद्धि
✔ टैक्स-फ्री आय सीमा में सुधार
✔ 80C डिडक्शन और स्टैंडर्ड डिडक्शन का विस्तार
✔ सीनियर सिटीजन टैक्स रिलैक्सेशन
✔ आसान ITR प्रक्रिया और नियमों में सरलता
✔ AI, हेल्थकेयर, MSME, रोजगार व निवेश-ड्राइविंग प्रावधान रहे फोकस
ये सभी बदलाव सरकार की आर्थिक नीति को और मजबूती देंगे और आम टैक्सपेयर को राहत पहुचाने के साथ साथ कंजम्पशन और निवेश को नई ऊर्जा देंगे।
