केंद्रीय बजट 2026 से पहले कृषि मंत्रालय ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कृषि मंत्रियों व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और बजट के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करना रहा।
किसानों को मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ
कृषि मंत्री ने बैठक में साफ कहा कि जो राज्य कृषि योजनाओं का समय पर और पूरी क्षमता से उपयोग करेंगे, उन्हें आने वाले बजट में अधिक सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि धनराशि का उपयोग कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर किसानों तक पहुँचना चाहिए।
इन योजनाओं पर हुई खास चर्चा
बैठक में जिन प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की गई, उनमें शामिल रहीं —
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY)
प्राकृतिक खेती मिशन
फसल बीमा योजना
सिंचाई एवं जल संरक्षण परियोजनाएँ
डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन
कृषि मंत्री ने कहा कि 2026 का बजट भारतीय कृषि के लिए निर्णायक साबित हो सकता है और इसके लिए राज्यों की तैयारी बेहद जरूरी है।
राज्यों को मिले ये प्रमुख निर्देश
कृषि बजट का समयबद्ध उपयोग
लंबित परियोजनाओं का शीघ्र निपटारा
किसानों तक योजनाओं की सीधी पहुँच
हर जिले में कृषि उत्पादकता बढ़ाने की कार्ययोजना
डिजिटल तकनीक का अधिक प्रयोग
बजट 2026 में क्या हो सकता है खास?
सरकारी संकेतों से यह स्पष्ट है कि आने वाले बजट में —
किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई योजनाएँ
कृषि स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन
उन्नत बीज और सिंचाई सुविधाओं में निवेश
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।
कृषि क्षेत्र देश की रीढ़ — मंत्री का बयान
मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा,
"कृषि देश की रीढ़ है। किसानों की समृद्धि के बिना भारत का विकास अधूरा है।"
राज्यों की भूमिका होगी निर्णायक
राज्यों से कहा गया है कि वे केंद्र सरकार को अपनी जरूरतों और प्रस्तावों की रिपोर्ट जल्द भेजें ताकि बजट में उनका समुचित समावेश किया जा सके।
किसानों के लिए क्यों है यह खबर बड़ी?
क्योंकि बजट 2026 सीधे तौर पर —
न्यूनतम समर्थन मूल्य
फसल बीमा
कृषि सब्सिडी
ऋण व्यवस्था
सिंचाई परियोजनाओं
पर असर डालेगा, जिससे देश के करोड़ों किसानों की आमदनी प्रभावित होगी।