Weather Update Today: देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज, 3 अप्रैल 2026 के लिए एक बड़ा अपडेट जारी किया है, जिसमें उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली-NCR सहित 17 राज्यों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी की चेतावनी दी गई है।
दिल्ली-NCR: धूल भरी आंधी और रिमझिम फुहारें
राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, दोपहर के बाद दिल्ली-NCR में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की संभावना है। इसके साथ ही हल्की से मध्यम बारिश होने से तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को बढ़ती गर्मी से राहत मिलेगी।
उत्तर प्रदेश और बिहार में 'ऑरेंज अलर्ट'
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की प्रबल संभावना है। विशेष रूप से लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं बिहार के पटना, गया और पूर्णिया समेत कई जिलों में बिजली गिरने (Lightning) और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें।
इन 17 राज्यों में अलर्ट जारी
IMD की रिपोर्ट के मुताबिक, निम्नलिखित राज्यों में मौसम का असर सबसे ज्यादा दिखेगा:
दिल्ली-NCR
उत्तर प्रदेश
बिहार
राजस्थान
पंजाब
हरियाणा
मध्य प्रदेश
छत्तीसगढ़
झारखंड
पश्चिम बंगाल
ओडिशा
महाराष्ट्र (विदर्भ क्षेत्र)
उत्तराखंड
हिमाचल प्रदेश
जम्मू-कश्मीर
असम
मेघालय
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में आंधी
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है, जिसका सीधा असर मैदानी इलाकों की हवाओं पर पड़ रहा है। राजस्थान के थार मरुस्थल से उठने वाली चक्रवाती हवाओं के कारण पंजाब और हरियाणा के सीमावर्ती इलाकों में 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। यहाँ हवा की गति 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जो कमजोर निर्माणों और पेड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है।
किसानों और आम जनता के लिए विशेष सावधानी
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अप्रैल की शुरुआत में इस तरह का मौसमी बदलाव फसलों के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
सावधानी: आंधी के दौरान बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे शरण न लें।
यात्रा: घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम बुलेटिन जरूर चेक करें।
बिजली: गरज-चमक के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करने से बचें।
आने वाले 48 घंटों तक मौसम का यह मिजाज इसी तरह बने रहने के आसार हैं। 5 अप्रैल के बाद ही आसमान साफ होने और तापमान में फिर से बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।