Copper Price Blast: कॉपर (Copper) की कीमतों में आई यह ऐतिहासिक उछाल ग्लोबल कमोडिटी मार्केट के लिए एक बड़ी खबर है। लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर कॉपर का $13,000 प्रति टन के स्तर को छूना न केवल एक रिकॉर्ड है, बल्कि यह ग्लोबल इकोनॉमी में आ रहे बड़े बदलावों का संकेत भी है।
यहाँ इस खबर का पूरा विवरण और विश्लेषण दिया गया है:
कॉपर की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी: मुख्य बिंदु
ऐतिहासिक स्तर: पहली बार कॉपर की कीमतें अंतर्राष्ट्रीय बाजार में $13,000 प्रति टन के स्तर को पार कर गई हैं।
घरेलू बाजार (MCX) पर असर: भारतीय बाजार (MCX) में भी कॉपर की कीमतें ₹1,300 प्रति किलो के पार पहुंच गई हैं।
सप्लाई में भारी कमी: इंडोनेशिया के Grasberg mine (Freeport-McMoRan) में कामकाज रुकने और दक्षिण अमेरिका (चिली और पेरू) में उत्पादन घटने से बाजार में कॉपर की भारी किल्लत हो गई है।
बढ़ती डिमांड: इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), डेटा सेंटर्स और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में कॉपर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, जिससे मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ गया है।
टैरिफ और ट्रेड पॉलिसी: अमेरिका में नई ट्रेड पॉलिसियों और संभावित टैरिफ के डर से कंपनियों ने पहले ही स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया है, जिससे कीमतों को और हवा मिली है।