दिल्ली ब्लास्ट: आतंकी साज़िश में 'तुर्की कनेक्शन' का ख़ुलासा!

Delhi Red Fort blast: लाल किले के पास हुए धमाके की जांच में जैश-ए-मोहम्मद के 'डॉक्टर मॉड्यूल' के दो सदस्यों की तुर्की यात्रा और टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ाव सामने आया।
 
Delhi
Delhi Red Fort blast: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार ब्लास्ट की जांच अब एक अंतरराष्ट्रीय साज़िश की ओर इशारा कर रही है। सूत्रों के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद के कथित 'डॉक्टर मॉड्यूल' के दो मुख्य सदस्य डॉ. उमर और डॉ. मुजम्मिल के पासपोर्ट की जांच से यह सनसनीखेज ख़ुलासा हुआ है कि दोनों ने टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ने के तुरंत बाद तुर्की (तुर्किए) की यात्रा की थी। यह यात्रा जांच एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी बन गई है और उन्हें संदेह है कि यह जैश-ए-मोहम्मद के बड़े नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है।
संदिग्ध तुर्की यात्रा और टेलीग्राम पर कट्टरता
​गिरफ्तार किए गए डॉ. मुजम्मिल अहमद गनाई और दिल्ली ब्लास्ट के मुख्य संदिग्ध डॉ. उमर नबी के पासपोर्ट रिकॉर्ड से पता चला है कि वे एक-दूसरे के साथ ही तुर्की गए थे। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह यात्रा उनकी कट्टरता और आतंकी मॉड्यूल में सक्रिय भूमिका की शुरुआत हो सकती है। दोनों ही डॉक्टर 'फ़रज़ंदान-ए-दारुल उलूम (देवबंद)' और जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर 'उमर बिन खत्ताब' द्वारा चलाए जा रहे टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े हुए थे। शुरुआती बातचीत "कश्मीर की आज़ादी" पर केंद्रित थी, लेकिन बाद में वैश्विक जिहाद और 'बदले' के व्यापक विषयों की ओर मुड़ गई।
​एजेंसियों को आशंका है कि इस यात्रा के दौरान ही जैश के हैंडलरों ने मॉड्यूल के सदस्यों से मुलाक़ात की होगी, जिसके बाद उन्होंने भारत भर में अपनी गतिविधियों का विस्तार किया। इसी के तहत जैश हैंडलर ने उन्हें देशभर में फ़ैल जाने के निर्देश दिए थे, ताकि किसी एक जगह पर ध्यान केंद्रित न हो। डॉ. मुजम्मिल ने फरीदाबाद के अल-फ़लाह मेडिकल कॉलेज में नौकरी की, जबकि डॉ. आदिल को सहारनपुर में पोस्टिंग मिली, और अन्य सदस्यों को भर्ती और लॉजिस्टिक्स संभालने के लिए अलग-अलग राज्यों में भेजा गया।
मोबाइल डेटा का विश्लेषण और साजिश की कड़ियाँ
​जांच एजेंसियां अब रेड फोर्ट क्षेत्र के मोबाइल टावर डेटा डंप का गहन विश्लेषण कर रही हैं। यह डेटा विशेष रूप से घटना वाले दिन दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:30 बजे के बीच का है, जब डॉ. उमर कथित तौर पर आई-20 कार को बाहर निकाल रहा था। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि उस महत्वपूर्ण समय के दौरान उसने किनसे संपर्क किया या कौन-से कॉल और चैट सक्रिय थे।
​गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल के मोबाइल फ़ोन डेटा से यह भी पता चला है कि जनवरी के पहले सप्ताह में उसकी लाल किला क्षेत्र के आसपास बार-बार उपस्थिति थी। जांचकर्ताओं का कहना है कि मुजम्मिल ने अपने साथी डॉ. उमर के साथ सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ की प्रवृत्ति का पता लगाने के लिए कई बार लाल किले का दौरा किया था।
​यह ख़ुलासा दिल्ली ब्लास्ट की साज़िश को एक व्यापक अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से जोड़ता है, जिसके तार जैश-ए-मोहम्मद, फरीदाबाद मॉड्यूल, और अब तुर्की तक पहुँचते दिख रहे हैं। एजेंसियों की जांच का मुख्य लक्ष्य अब यह पता लगाना है कि तुर्की यात्रा का क्या उद्देश्य था और इसके पीछे कौन-से हैंडलर सक्रिय थे।