फरीदाबाद में 300 किलो विस्फोटक बरामद, देश दहलाने की बड़ी आतंकी साज़िश नाकाम ​जम्मू-कश्मीर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो डॉक्टर आतंकी संगठनों से जुड़े!

​राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद में एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस (JK Police) ने एक किराए के मकान से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और हथियार बरामद किए हैं।
 
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Faridabad 350 kg rdx ak47 recovered: बरामदगी इतनी विशाल थी कि पुलिस ने आशंका जताई है कि इसका इस्तेमाल दिल्ली और उसके आसपास के भीड़-भाड़ वाले बाज़ारों को दहलाने के लिए किया जा सकता था।
​विस्फोटक और हथियारों का जखीरा
​जम्मू-कश्मीर पुलिस और स्थानीय पुलिस के संयुक्त अभियान में, फरीदाबाद के धौज इलाके में एक डॉक्टर के किराए के कमरे पर छापा मारा गया। सूत्रों के अनुसार, इस ठिकाने से लगभग 300 से 360 किलोग्राम तक विस्फोटक पदार्थ (शुरुआती रिपोर्ट्स में RDX, जबकि कुछ अधिकारियों ने अमोनियम नाइट्रेट होने का संदेह जताया है), एक एके-47 असॉल्ट राइफल, एक पिस्तौल, और भारी मात्रा में 84 कारतूस के साथ-साथ डेटोनेटर, टाइमर और वॉकी-टॉकी सेट भी जब्त किए गए हैं। विस्फोटक सामग्री को 14 अलग-अलग भारी बैगों में भरकर रखा गया था।
​खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलना एक बड़ा संकेत है कि पाकिस्तान-समर्थित आतंकी संगठन राष्ट्रीय राजधानी को निशाना बनाने की फिराक में थे। विशेषज्ञों का मानना है कि 300 किलोग्राम विस्फोटक कई बड़े बाज़ारों को एक साथ उड़ाने के लिए पर्याप्त था।
​गिरफ्तार कश्मीरी डॉक्टर से मिला सुराग
​इस सनसनीखेज़ खुलासे का सूत्रपात जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा एक कश्मीरी डॉक्टर डॉ. आदिल अहमद राठर की गिरफ्तारी से हुआ। डॉ. आदिल को श्रीनगर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के समर्थन में पोस्टर लगाने के आरोप में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से पकड़ा गया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जब डॉ. आदिल से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए।
​पूछताछ के दौरान डॉ. आदिल ने ही फरीदाबाद में छिपाए गए हथियारों और विस्फोटक के जखीरे की जानकारी दी। डॉ. आदिल पहले भी संदेह के घेरे में था, क्योंकि उसके अनंतनाग स्थित लॉकर से भी एक एके-47 राइफल बरामद की गई थी।
​फरीदाबाद में विस्फोटक का संग्रह
​डॉ. आदिल से मिली जानकारी के आधार पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फरीदाबाद में छापेमारी की। जांच में सामने आया कि यह विस्फोटक फरीदाबाद के अल-फलाह विश्वविद्यालय से जुड़े एक और डॉक्टर, डॉ. मुजम्मिल शकील (पुलवामा निवासी) के किराए के कमरे में रखा गया था।
​स्थानीय सूत्रों के अनुसार, डॉ. मुजम्मिल ने लगभग तीन महीने पहले यह कमरा किराए पर लिया था और मकान मालिक को सख़्त हिदायत दी थी कि वह केवल अपना निजी सामान रखेगा। वह बहुत कम बाहर निकलता था और उससे कुछ अजनबी लोग मिलने आते थे। पुलिस को संदेह है कि डॉ. मुजम्मिल ही इस सामान को यहां रखने और आतंकी नेटवर्क को आगे बढ़ाने का काम कर रहा था।
​आतंकी नेटवर्क के तार
​सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह साज़िश सीमा पार से संचालित हो रही थी और इसमें जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे आतंकी संगठन शामिल थे। दिल्ली और एनसीआर में शांति भंग करने के लिए 'डॉक्टरों' जैसे पेशेवर लोगों का इस्तेमाल करना इस नेटवर्क की नई रणनीति को दर्शाता है।
​फिलहाल, दोनों गिरफ्तार डॉक्टर, आदिल अहमद राठर और मुजम्मिल शकील, जम्मू-कश्मीर पुलिस की हिरासत में हैं और उनसे लगातार पूछताछ जारी है। इस मामले में आगे और गिरफ्तारियाँ होने की आशंका है, क्योंकि पुलिस इस पूरे आतंकी नेटवर्क के पीछे के बड़े चेहरों और इनके सहयोगियों की तलाश कर रही है। देश की सुरक्षा के लिए यह एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।