आज के भागदौड़ भरे शहरी जीवन में 'मेट्रो' सिर्फ एक परिवहन का साधन नहीं रह गई है, बल्कि यह मिडिल क्लास के लिए आर्थिक समृद्धि का एक नया पैमाना बनकर उभरी है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जो लोग मेट्रो स्टेशनों के पास रहते हैं, वे न केवल अपने होम लोन की EMI समय पर चुका रहे हैं, बल्कि अपने कर्ज को निर्धारित समय से पहले (Prepayment) खत्म करने में भी अधिक सक्षम पाए गए हैं।
कनेक्टिविटी और क्रेडिट स्कोर का अनोखा रिश्ता
आमतौर पर माना जाता है कि मेट्रो के पास घर खरीदना महंगा सौदा है। लेकिन डेटा बताता है कि यह निवेश लंबी अवधि में काफी फायदेमंद साबित हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, मेट्रो कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच 'डिफ़ॉल्ट रेट' (किस्त न चुका पाने की दर) में भारी गिरावट देखी गई है।
इसके पीछे के मुख्य कारण:
समय और पैसे की बचत: मेट्रो से सफर करने पर ईंधन और पार्किंग का खर्च बचता है। यह बची हुई राशि लोग अपनी EMI में जोड़ रहे हैं।
प्रॉपर्टी वैल्यू में उछाल: मेट्रो के पास स्थित घरों की कीमतों में सालाना 10-15% की वृद्धि देखी जाती है, जिससे खरीदार का 'नेट वर्थ' बढ़ता है।
किराये की गारंटी: इन इलाकों में किराये की मांग हमेशा अधिक रहती है, जिससे मकान मालिक को अतिरिक्त आय होती है।