India-EU FTA: भारत और यूरोपीय संघ के बीच 'मदर ऑफ ऑल डील्स' फाइनल, अब लग्जरी कारें और विदेशी शराब होगी बेहद सस्ती
करीब 18 वर्षों के लंबे इंतजार और दर्जनों दौर की कठिन वार्ताओं के बाद, भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने आखिरकार ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement - FTA) पर अपनी मुहर लगा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' करार दिया गया है।
इस समझौते का सबसे बड़ा और सीधा असर भारत के ऑटोमोबाइल और बेवरेज सेक्टर पर पड़ने वाला है। 2026 के इस मेगा-एग्रीमेंट के तहत लग्जरी कारों, वाइन, बीयर और कई यूरोपीय खाद्य उत्पादों पर लगने वाले भारी-भरकम आयात शुल्क (Import Duty) में भारी कटौती की घोषणा की गई है।
लग्जरी कारों के शौकीनों की चमकी किस्मत: 110% से घटकर 10% हुआ टैक्स
भारतीय बाजार में अब तक यूरोपीय कारें (जैसे Mercedes, BMW, Audi, Volkswagen और Renault) एक लग्जरी मानी जाती थीं, जिसका मुख्य कारण उन पर लगने वाला 110% तक का भारी आयात शुल्क था।
मुख्य बदलाव:
टैरिफ में भारी कटौती: अब तक जो कारें $40,000 से अधिक की कीमत पर 110% ड्यूटी आकर्षित करती थीं, उन पर शुल्क चरणबद्ध तरीके से घटाकर 10% कर दिया जाएगा।
सालाना कोटा: यह रियायती शुल्क सालाना 2,50,000 वाहनों के कोटे तक सीमित रहेगा।
पुर्जों पर छूट: कारों के स्पेयर पार्ट्स और अन्य कंपोनेंट्स पर भी 5 से 10 वर्षों के भीतर टैरिफ पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।
बाजार पर असर: जानकारों का मानना है कि इससे भारत में लग्जरी कारों की कीमतों में 15% से 25% तक की गिरावट आ सकती है।
वाइन और बेवरेज: विदेशी जाम अब होगा बजट में
शराब के शौकीनों के लिए भी यह समझौता बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। भारत वर्तमान में यूरोपीय वाइन और स्पिरिट्स पर दुनिया के सबसे ऊंचे करों (करीब 150%) में से एक लगाता है।
वाइन (Wine): वर्तमान 150% शुल्क को तत्काल घटाकर 75% किया जाएगा, जिसे अगले कुछ वर्षों में घटाकर 20-30% के स्तर पर लाया जाएगा।
स्पिरिट्स (Whisky, Vodka): इन पर लगने वाला टैक्स घटाकर 40% कर दिया जाएगा।
बीयर (Beer): बीयर पर टैरिफ 110% से घटाकर 50% कर दिया गया है।
प्रीमियम सेगमेंट: यह कटौती विशेष रूप से उन ब्रांड्स के लिए फायदेमंद होगी जो सीधे यूरोप से बोतल बंद होकर भारत आते हैं।
इन चीजों के दाम भी गिरेंगे: चॉकलेट से लेकर दवाइयों तक
सिर्फ कारें और शराब ही नहीं, बल्कि आम आदमी के किचन और स्वास्थ्य से जुड़ी चीजें भी सस्ती होंगी:
प्रोसेस्ड फूड: चॉकलेट, बिस्कुट, पास्ता और पेस्टी जैसे उत्पादों पर लगने वाला 50% तक का टैक्स अब पूरी तरह खत्म (0%) कर दिया जाएगा।
जैतून का तेल (Olive Oil): हेल्दी कुकिंग के लिए मशहूर जैतून के तेल पर अब कोई आयात शुल्क नहीं लगेगा।
दवाइयां (Pharma): यूरोपीय देशों से आने वाली जीवनरक्षक दवाओं और मेडिकल उपकरणों पर ड्यूटी हटा दी गई है, जिससे इलाज सस्ता होगा।
मशीनरी और रसायन: औद्योगिक इस्तेमाल में आने वाली मशीनों और रसायनों पर 22% तक का शुल्क अब शून्य हो जाएगा।
भारत को क्या मिला? $75 बिलियन की बचत का अनुमान
यह समझौता एकतरफा नहीं है। भारत के लिए भी इसके फायदे जबरदस्त हैं:
97% उत्पादों पर ड्यूटी खत्म: यूरोप जाने वाले भारत के लगभग 97% उत्पादों पर अब कोई टैरिफ नहीं लगेगा। इसमें टेक्सटाइल (कपड़ा), चमड़ा (Leather), रत्न एवं आभूषण (Gems & Jewellery) और समुद्री उत्पाद शामिल हैं।
सर्विस सेक्टर को पंख: भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स और इंजीनियरों के लिए यूरोपीय वीजा और काम करने की शर्तों में ढील दी जाएगी।
कार्बन टैक्स पर राहत: भारत ने एक महत्वपूर्ण जीत हासिल की है कि यदि भविष्य में EU किसी अन्य देश को 'कार्बन टैक्स' (CBAM) में रियायत देता है, तो वही लाभ स्वतः भारत को भी मिलेगा।
कब से लागू होंगी नई दरें?
हालांकि घोषणा आज हो गई है, लेकिन तकनीकी और कानूनी समीक्षा (Legal Vetting) में करीब 6 महीने का समय लगेगा। उम्मीद है कि देर 2026 या 2027 की शुरुआत से भारतीय ग्राहकों को इन घटी हुई कीमतों का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।