भारत-अमेरिका ट्रेड डील: 50% से घटकर 18% हुआ टैरिफ, जानिए समझौते की 10 सबसे बड़ी बातें

भारत और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता हुआ। जानें कैसे रूसी तेल छोड़कर भारत ने अमेरिका के साथ की बड़ी डील और भारतीय निर्यातकों को कैसे मिलेगा इसका फायदा।

 
​India-US Interim Trade Framework

भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव को खत्म करते हुए एक ऐतिहासिक 'अंतरिम व्यापार समझौते' (Interim Trade Agreement) पर मुहर लग गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बातचीत के बाद जारी साझा बयान में दोनों देशों ने आर्थिक रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का संकल्प लिया है।

​यह समझौता उस समय आया है जब भारत पर अमेरिकी टैरिफ का बोझ काफी बढ़ गया था। इस डील के जरिए न केवल शुल्कों में कटौती की गई है, बल्कि ऊर्जा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में भी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।

​भारत-अमेरिका ट्रेड डील की 10 अहम बातें:

​टैरिफ में भारी कटौती: अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगने वाले प्रभावी टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया है। इसमें वह 25% का दंडात्मक शुल्क (Punitive Tariff) भी शामिल है, जो पिछले साल लगाया गया था।

​रूसी तेल पर बड़ा फैसला: इस डील का सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक हिस्सा यह है कि भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद को कम करने या रोकने पर सहमति जताई है। अब भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों की ओर रुख करेगा।

​$500 बिलियन की खरीद: भारत ने अगले 5 वर्षों में अमेरिका से ऊर्जा, तकनीक, रक्षा उपकरण और कृषि उत्पादों सहित कुल 500 बिलियन डॉलर का सामान खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है।

​भारतीय निर्यात को संजीवनी: टैरिफ घटने से भारत के कपड़ा (Textiles), चमड़ा (Leather), रत्न-आभूषण (Gems & Jewelry) और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों को जबरदस्त फायदा होगा। अब भारतीय सामान वैश्विक बाजार में वियतनाम और बांग्लादेश जैसे प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले सस्ते होंगे।

​अमेरिकी उत्पादों के लिए खुला बाजार: भारत ने अमेरिका से आने वाले औद्योगिक सामानों और कई कृषि उत्पादों (जैसे सूखे मेवे, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट) पर आयात शुल्क को कम या खत्म (Zero Tariff) करने का वादा किया है।

​फार्मा और तकनीक में राहत: समझौते के पूर्ण कार्यान्वयन के बाद, जेनेरिक दवाओं और विमान के पुर्जों पर शुल्क शून्य हो सकता है। इसके अलावा, डेटा सेंटर और GPU जैसी उच्च तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया जाएगा।

​किसानों के हितों की सुरक्षा: भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि डेयरी और संवेदनशील कृषि क्षेत्रों में भारतीय किसानों के हितों की पूरी सुरक्षा की गई है और उन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ने दिया जाएगा।

​'Buy American' की ओर कदम: भारत ने सरकारी खरीद और बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स में 'Buy American' नीति को प्राथमिकता देने और गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाने पर सहमति जताई है।

​चीन पर रणनीतिक बढ़त: विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के आर्थिक दबदबे को चुनौती देने और भारत-अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।

​मार्च तक फाइनल एग्रीमेंट: यह वर्तमान में एक 'फ्रेमवर्क' यानी अंतरिम समझौता है। दोनों देशों के अधिकारियों के अनुसार, मार्च 2026 के मध्य तक इस पर अंतिम हस्ताक्षर (Final BTA) होने की उम्मीद है।

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