ईरान-इजरायल युद्ध: 500 साल पुराने यूनेस्को विरासत महल पर हमला; सऊदी में अमेरिकी दूतावास को बनाया निशाना. मध्य पूर्व में युद्ध की आग अब और भी भीषण होती जा रही है। हालिया घटनाक्रम में इजरायल ने ईरान के भीतर घुसकर एक ऐसी साइट को निशाना बनाया है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल ने ईरान के एक 500 साल पुराने ऐतिहासिक महल पर हवाई हमला किया है, जो यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। वहीं दूसरी ओर, सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन से हमला किया गया है, जिससे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुँच गया है।
सांस्कृतिक विरासत पर प्रहार: ईरान का ऐतिहासिक महल खंडहर में तब्दील
ईरान के अधिकारियों के अनुसार, इजरायली मिसाइलों ने ईरान के ऐतिहासिक प्रांत में स्थित सदियों पुराने महल को निशाना बनाया। यह महल न केवल ईरान की स्थापत्य कला का नमूना था, बल्कि वैश्विक इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी था।
हमले का प्रभाव: महल का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।
यूनेस्को की प्रतिक्रिया: विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध के दौरान सांस्कृतिक स्थलों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। यूनेस्को ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे 'सांस्कृतिक नरसंहार' की श्रेणी में रखा है।
इजरायल का रुख: हालांकि इजरायल ने आधिकारिक तौर पर इस विशेष साइट पर टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उनके सैन्य सूत्रों का दावा है कि इन ऐतिहासिक इमारतों का उपयोग गुप्त सैन्य ठिकानों या हथियारों के भंडारण के लिए किया जा रहा था।
सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन अटैक
ईरान पर हमले के कुछ ही घंटों बाद, सऊदी अरब की राजधानी से एक डरावनी खबर आई। अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले ने सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फुला दिए हैं।
हमले का स्वरूप: यह एक 'आत्मघाती ड्रोन' (Kamikaze Drone) हमला था।
सुरक्षा कवच: सऊदी के डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया, लेकिन एक ड्रोन दूतावास की बाहरी दीवार के करीब गिरने में सफल रहा।
हताहत: शुरुआती रिपोर्टों में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन दूतावास की संपत्ति को आंशिक नुकसान पहुँचा है।
मध्य पूर्व में बढ़ता पावर गेम
इन हमलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि युद्ध अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है। यह सीधे तौर पर दो महाशक्तियों और उनके सहयोगियों के बीच का टकराव बन चुका है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अपनी संप्रभुता और विरासत पर हुए इस हमले का बदला "सही समय" पर लेगा।