खामेनेई की मौत पर भारत में उबाल: कश्मीर से लखनऊ तक शिया समुदाय का प्रदर्शन, इजरायल-अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद भारत में शिया समुदाय के बीच शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई है। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, बड़गाम और लद्दाख के कारगिल से लेकर उत्तर प्रदेश के लखनऊ और संभल तक, हजारों लोग सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
कश्मीर: लाल चौक पर 'मातम' और प्रदर्शन
श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक पर आज सुबह से ही भारी भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों के हाथों में काले झंडे और अयातुल्ला खामेनेई की तस्वीरें थीं। समुदाय के लोग सीना पीटकर (मातम कर) अपना दुख व्यक्त कर रहे हैं।
-
नारेबाजी: प्रदर्शन के दौरान 'डाउन विद अमेरिका' और 'डाउन विद इजरायल' के नारे गूंज रहे हैं।
-
राजनीतिक प्रतिक्रिया: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने इस घटना को "इतिहास का सबसे काला अध्याय" करार दिया है।
उत्तर प्रदेश: लखनऊ और संभल में विरोध मार्च
लखनऊ के पुराने शहर के इलाकों में भी तनाव देखा जा रहा है। यहाँ शिया धर्मगुरुओं ने तीन दिन के शोक का ऐलान किया है।
-
संभल: यूपी के संभल जिले के सिरसी कस्बे में लोगों ने जुलूस निकाला और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का पुतला फूँकने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने समय रहते रोक दिया।
-
सुरक्षा व्यवस्था: उत्तर प्रदेश पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर नजर रखी जा रही है।
ईरान में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक
ईरान सरकार ने खामेनेई की मौत के बाद 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक और 7 दिनों की सार्वजनिक छुट्टी का ऐलान किया है। तेहरान की सड़कों पर जहाँ एक तरफ जश्न की कुछ खबरें हैं, वहीं दूसरी तरफ कट्टरपंथी समर्थक बदला लेने की कसमें खा रहे हैं। ईरान की समाचार एजेंसी 'इर्ना' (IRNA) ने इस हमले को मानवता के खिलाफ अपराध बताया है।
भारत के लिए चिंता का विषय
भारत सरकार के लिए यह स्थिति कूटनीतिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण है:
-
छात्रों की सुरक्षा: ईरान में पढ़ रहे सैकड़ों भारतीय छात्र (विशेषकर कश्मीरी छात्र) वहां फंसे हुए हैं।
-
ऊर्जा सुरक्षा: खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने का खतरा है।
-
आंतरिक शांति: भारत के विभिन्न हिस्सों में हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को अलर्ट जारी किया है।
