PM Kisan Yojana Alert: बिना e-KYC अब नहीं मिलेगा पैसा, सरकार ने जारी किए सख्त निर्देश

PM Kisan Samman Nidhi Yojana के लाभार्थियों के लिए e-KYC जरूरी कर दिया गया है। बिना e-KYC पूरी किए अगली किस्त नहीं मिलेगी। जानिए पूरी प्रक्रिया, नियम और जरूरी निर्देश।
 
pm kisan 22nd installment update
PM kisan 22nd installment update: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan Samman Nidhi Yojana) योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त कर रहे किसानों को अब अपने ई-केवाईसी (Electronic Know Your Customer) प्रोसेस को अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। त्रिवेणीगंज अनुमंडल के कृषि विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जो किसान ई-केवाईसी प्रक्रिया नहीं कराएंगे, उनके पीएम किसान सम्मान निधि के भुगतान को रोक दिया जाएगा। 
यह कदम योजना में पारदर्शिता लाने, फर्जी लाभार्थियों को रोकने और वास्तविक किसानों तक सरकारी सहायता को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। कृषि पदाधिकारी एवं विभाग ने पंचायत स्तर पर विशेष ई-केवाईसी शिविरों का आयोजन शुरू कर दिया है, जहाँ किसान अपना ई-केवाईसी पूरा कर सकते हैं।
ई-केवाईसी क्या है और क्यों अनिवार्य?
ई-केवाईसी (Electronic Know Your Customer) एक डिजिटल पहचाना प्रमाणिकता प्रक्रिया है, जिसमें किसान का आधार और मोबाइल नंबर OTP वेरिफिकेशन के माध्यम से सत्यापित किया जाता है। यह प्रक्रिया DBT (Direct Benefit Transfer) के अंतर्गत सरकार द्वारा भेजे जाने वाले लाभ को सही व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए बेहद जरूरी है।
 सरकार ने निरंतर पारदर्शिता बढ़ाने तथा योजनाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए यह अनिवार्यता लागू की है। यदि कोई किसान ई-केवाईसी नहीं कराता है, तो भविष्य में जारी होने वाली किसी भी किस्त — जैसे 22वीं, 23वीं या अगली — उसके बैंक खाते में नहीं आएगी। 
सुपौल अनुमंडल में ई-केवाईसी के निर्देश: विभाग की योजनाएँ
कृषि निदेशक और अनुमंडल कृषि पदाधिकारी मुकेश कुमार ने पंचायत स्तर पर e-KYC शिविरों का निरीक्षण किया। 
ये शिविर बिहार के कुशहा पंचायत एवं कोरियापट्टी पश्चिम पंचायत सहित अन्य ग्रामीण इलाकों में शुरू किए गए हैं। 
विभाग ने कहा है कि किसान अपने किसान सलाहकार तथा कृषि समन्वयक से भी संपर्क स्थापित कर ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। 
अनुपालन का बड़ा महत्व: आंकड़े और स्थिति
अनुमंडल क्षेत्र में कुल 78,099 पीएम किसान सम्मान निधि लाभार्थी हैं। 
इनमें से अब तक लगभग 39,896 लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा हुआ है। 
शेष किसानों को निर्देश दिया गया है कि वे जल्द से जल्द प्रक्रिया को पूरा कर लें, ताकि लाभ में कटौती न हो।
किसान क्या करें? पूरी प्रक्रिया समझें
ई-केवाईसी पूरी करने के लिए किसान निम्नलिखित चरणों का पालन कर सकते हैं:
नजदीकी शिविर/CSC (Common Service Center) पर जाएँ — ई-केवाईसी प्रक्रिया वहीं पर पूरी की जा सकती है। 
आधार कार्ड और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर तैयार रखें — मोबाइल नंबर पर OTP आएगा, जिससे वेरिफिकेशन पूरा होगा। 
किसान सलाहकार/कृषि समन्वयक से संपर्क करें — यदि आपको प्रक्रिया समझने में कठिनाई हो। 
ऑनलाइन भी कर सकते हैं ई-केवाईसी — PM Kisan पोर्टल (pmkisan.gov.in) पर लॉगिन कर आधार OTP वेरिफिकेशन कराएं। 
यदि आप इन चरणों को समय रहते पूरा नहीं करते हैं तो भुगतान रुक सकता है, और आप योजना का लाभ खो सकते हैं। 
विशेषज्ञों की टिप्पणी: क्यों हो रहा यह बदलाव?
सरकारी योजनाओं के डिजिटलरण के विशेषज्ञ बताते हैं कि ई-केवाईसी और डिजिटल पहचान दोनों सरकार को योजना की सत्यता सुनिश्चित करने में मदद करते हैं। पिछले कुछ वर्षों में अनेक मामलों में किसान की पहचान, खेत की स्वामित्व स्थिति और लाभार्थी विवरण में त्रुटियाँ पाई गईं, जिससे योजनाओं का दुरुपयोग हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि Farmer ID कार्ड और आधार आधारित ई-केवाईसी से गलत लाभार्थियों की पहचान को रोकना सरल होगा और सरकारी राशि वास्तविक किसानों तक ही पहुंचेगी।
सरकार की योजना का व्यापक दृष्टिकोण
पीएम किसान योजना के तहत भारत सरकार हर वर्ष पात्र किसानों को ₹6,000 की आर्थिक सहायता देती है, जो तीन किस्तों में — ₹2,000 हर चार महीने पर — उनके बैंक खाते में जमा होती है। इसका उद्देश्य किसानों को प्राथमिक वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
अब ई-केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य करने का मुख्य उद्देश्य है:
लाभार्थी का डिजिटल सत्यापन
 फर्जी खातों या अमान्य डेटा को रोकना
 डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (DBT) की प्रक्रिया को सुरक्षित करना
 डिजिटल इंडिया के तहत पारदर्शिता बढ़ाना
लाभार्थियों के लिए अगले कदम
जैसे-जैसे सरकार 22वीं किस्त की प्रक्रिया शुरू करती है, सभी किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे:
✔️ अपना ई-केवाईसी समय पर पूरा कर लें
✔️ आधार को बैंक खाते से लिंक रखें
✔️ मोबाइल नंबर अपडेट रखें
✔️ किसान रिकॉर्ड और भूमि दस्तावेज को सत्यापित कराएँ 
इन तैयारियों के साथ ही भुगतान के अटकने का जोखिम न्यूनतम होगा और किसान योजना का लाभ बिना किसी रुकावट के प्राप्त कर पाएंगे। 

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