Sakat Chauth 2026 Live Updates: आज 6 जनवरी 2026 को पूरे देश में सकट चौथ का पावन पर्व बड़े ही श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया जा रहा है। सुहागिन महिलाओं और माताओं ने अपनी संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखा है। सकट चौथ का यह व्रत चंद्र दर्शन और अर्घ्य के बिना अधूरा माना जाता है। देश के पूर्वी हिस्सों में चंद्रमा के दर्शन हो चुके हैं और अब धीरे-धीरे अन्य शहरों में भी चांद नजर आने लगा है।
किन शहरों में दिख चुका है चांद? (Sakat Chauth Moon Sighted Cities)
ताजा जानकारी के अनुसार, कोलकाता, पटना और रांची जैसे शहरों में चंद्रमा ने दर्शन दे दिए हैं। इन शहरों में महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा कर अपना व्रत खोला है। उत्तर भारत के शहरों जैसे दिल्ली, नोएडा और लखनऊ में भी प्रतीक्षा समाप्त हो चुकी है।
Sakat Chauth 2026 Moonrise Time: आपके शहर में कब दिखा चांद?
पंचांग और ज्योतिषीय गणना के अनुसार, देश के प्रमुख शहरों में चंद्रोदय का समय कुछ इस प्रकार रहा:
शहर का नाम चंद्रोदय का समय (संभावित/वास्तविक)
कोलकाता रात 08:15 बजे
पटना रात 08:25 बजे
वाराणसी रात 08:35 बजे
लखनऊ रात 08:41 बजे
दिल्ली / NCR रात 08:54 बजे
जयपुर रात 09:03 बजे
मुंबई रात 09:23 बजे
पुणे रात 09:20 बजे
अहमदाबाद रात 09:20 बजे
सकट चौथ का महत्व: क्यों रखा जाता है यह व्रत?
सकट चौथ, जिसे तिलकुटा चौथ, माघी चौथ या संकष्टी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है, भगवान गणेश को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि आज के दिन व्रत रखने से संतान के ऊपर आने वाले सभी संकट दूर हो जाते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान गणेश ने इसी दिन अपने माता-पिता (शिव-पार्वती) की परिक्रमा कर अपनी बुद्धिमत्ता का परिचय दिया था और प्रथम पूज्य कहलाए थे।
चंद्रमा को अर्घ्य देने की सही विधि
अगर आपके शहर में चांद दिख गया है, तो आप इस विधि से अर्घ्य दे सकती हैं:
एक चांदी या तांबे के लोटे में जल लें।
जल में थोड़ा कच्चा दूध, अक्षत (चावल) और सफेद फूल मिलाएं।
चंद्रमा की ओर मुख करके जल की धारा अर्पित करें।
इस दौरान 'ॐ सोमाय नमः' या भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करें।
अर्घ्य देने के बाद संतान की मंगल कामना के लिए प्रार्थना करें।
अगर बादल के कारण चांद न दिखे तो क्या करें?
कई बार मौसम खराब होने या बादलों की वजह से चंद्रमा नजर नहीं आता। ऐसी स्थिति में शास्त्रों के अनुसार:
आप अपने शहर के चंद्रोदय समय के आधार पर मानसिक रूप से चंद्रमा का ध्यान कर अर्घ्य दे सकती हैं।
किसी दूसरे शहर में रहने वाले रिश्तेदार से वीडियो कॉल के जरिए चांद देखकर भी व्रत का पारण किया जा सकता है।
भगवान गणेश की पूजा पूर्ण कर व्रत खोला जा सकता है।