चांदी ने रचा इतिहास! ₹9500 की रिकॉर्ड बढ़त के साथ ऑल-टाइम हाई पर पहुंची कीमतें; क्या अब ₹3 लाख का है अगला पड़ाव?

Silver Price Hits All-time High: चांदी की कीमतों में ₹9500 का जबरदस्त उछाल। जानें क्यों बढ़ रहे हैं दाम और क्या वाकई चांदी ₹3 लाख प्रति किलो तक जाएगी? विशेषज्ञों की राय।
 
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​भारतीय कमोडिटी बाजार में आज एक नया इतिहास रचा गया है। वैश्विक अनिश्चितताओं और औद्योगिक मांग में आए अचानक उछाल के कारण चांदी की कीमतों ने ₹9500 प्रति किलो की अब तक की सबसे बड़ी एकदिनी छलांग लगाई है। इस बढ़त के साथ चांदी अपने ऑल-टाइम हाई (All-time High) पर पहुंच गई है, जिससे निवेशकों के चेहरे खिल गए हैं, वहीं आम खरीदारों के लिए यह एक बड़ा झटका है।

​क्यों आई चांदी में यह 'सुनामी' जैसी तेजी?

​बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में इस अचानक उछाल के पीछे कई प्रमुख कारण हैं:

​ग्लोबल सप्लाई चेन में बाधा: प्रमुख उत्पादक देशों में खनन कार्यों में आई कमी ने आपूर्ति (Supply) को प्रभावित किया है।

​औद्योगिक मांग (Industrial Demand): इलेक्ट्रिक वाहन (EV), सोलर पैनल और 5G तकनीक में चांदी का भारी इस्तेमाल हो रहा है, जिससे इसकी मांग रिकॉर्ड स्तर पर है।

​सुरक्षित निवेश (Safe Haven): वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और शेयर बाजार की अस्थिरता के बीच निवेशक सोने-चांदी को सबसे सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।

​डॉलर इंडेक्स में गिरावट: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर के कमजोर होने से बुलियन मार्केट को सहारा मिला है।

​एक्सपर्ट्स की भविष्यवाणी: क्या ₹3 लाख के पार जाएगी चांदी?

​इस समय बाजार में सबसे बड़ी चर्चा एक्सपर्ट्स के उस दावे की है, जिसमें कहा जा रहा है कि आने वाले सालों में चांदी ₹3,00,000 प्रति किलो का आंकड़ा पार कर सकती है।

​मार्केट एक्सपर्ट्स का तर्क: "चांदी केवल एक आभूषण धातु नहीं है, बल्कि एक औद्योगिक धातु (Industrial Metal) भी है। जिस तरह से ग्रीन एनर्जी की ओर दुनिया बढ़ रही है, चांदी की मांग आपूर्ति के मुकाबले कहीं अधिक होगी। अगर मौजूदा दर से मांग बढ़ती रही, तो अगले 3-5 वर्षों में ₹3 लाख का लक्ष्य असंभव नहीं है।"

​निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

​चांदी की इस ऐतिहासिक तेजी के बीच विशेषज्ञों ने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह भी दी है:

​SIP मोड अपनाएं: एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी करें।

​लंबी अवधि का नजरिया: चांदी में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव संभव है, इसलिए कम से कम 2-3 साल के लिए निवेश करें।

​डिजिटल सिल्वर: फिजिकल चांदी के बजाय सिल्वर ईटीएफ (ETF) या डिजिटल सिल्वर में निवेश सुरक्षित और आसान हो सकता है।

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