Silver Price Today in India: हाल की गिरावट का रुझान
चांदी की कीमतें दो दिनों में काफी गिर गईं, और MCX मार्केट में नीचे की ओर दबाव दिखा।
8 जनवरी को चांदी के फ्यूचर्स करीब ₹10,000 प्रति किलो गिर गए और बाद में थोड़ा रिकवर हुआ।
📊 एक्सपर्ट का विश्लेषण: कीमतों में अस्थिरता
Goldman Sachs जैसे वैश्विक वित्तीय संस्थान का कहना है कि चांदी के भाव अगले समय में भी बड़ी उतार-चढ़ाव वाली स्थिति में रह सकते हैं — सप्लाई-डिमांड असंतुलन, लो इन्वेंटरीज़ और वैश्विक नीति अनिश्चितता इसके मुख्य कारण हैं।
🧠 क्यों चांदी के भाव इतने अधिक या अस्थिर हैं? (Factors Explained)
🔹 1) Global Demand-Supply Imbalance
• चांदी की मांग खासकर औद्योगिक इस्तेमाल (electronics, solar, EVs) में तेजी से बढ़ी है, लेकिन सप्लाई धीमी है।
🔹 2) ETF और निवेश धारणा
• bullion-ETFs में निवेश बढ़ने से कॉमोडिटी की بازار में उपलब्धता कम हुई है, जिससे भाव ऊपर जा रहे हैं।
🔹 3) वैश्विक आर्थिक संकेत
• यूएस फ़ेडरल रिज़र्व के दर में कटौती की उम्मीद, डॉलर के मूड, और यूएस-चीन ट्रेड तनाव जैसे कारक safe-haven निवेशों की ओर प्रेरित करते हैं।
🔹 4) सप्लाई-चैन प्रतिबंध
• चीन जैसे देशों के निर्यात नियम और physical silver stock का कुछ हद तक बाजार से बाहर रहना कीमतों को पुष्ट करता है।
📍 क्या चांदी ₹3 लाख तक जाएगी? Experts का Outlook
🔸 कुछ मार्केट विश्लेषणों के अनुसार लंबी अवधि के रुझानों में (especially 2026-27 में) चांदी का भाव ₹3 लाख प्रति किलो तक संभावित बताया जा रहा है — खासकर अगर सप्लाई-डिमांड इम्बैलेंस और औद्योगिक मांग मजबूत बनी रहे।