बांग्लादेश की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। महीनों की राजनीतिक अस्थिरता और अंतरिम व्यवस्था के बाद, तारिक रहमान ने आधिकारिक तौर पर बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। ढाका स्थित संसद भवन (जातीय संसद) में आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रपति ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
कैबिनेट का विस्तार: युवा और अनुभव का मिश्रण
तारिक रहमान के नेतृत्व वाली इस नई सरकार में समावेशिता और शासन दक्षता पर जोर दिया गया है। शपथ ग्रहण समारोह के विवरण के अनुसार:
25 कैबिनेट मंत्री: प्रमुख मंत्रालयों जैसे गृह, वित्त और विदेश मंत्रालय के लिए अनुभवी चेहरों को चुना गया है।
24 राज्य मंत्री: सरकार ने प्रशासन में नई ऊर्जा फूंकने के लिए बड़ी संख्या में राज्य मंत्रियों को शामिल किया है।
प्राथमिकता: नई सरकार का मुख्य लक्ष्य देश में कानून व्यवस्था को बहाल करना और चरमराई हुई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और चुनौतियां
लंबे समय तक निर्वासन और कानूनी लड़ाइयों के बाद तारिक रहमान की सत्ता में वापसी को उनके समर्थकों द्वारा "लोकतंत्र की जीत" के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, उनके सामने चुनौतियों का पहाड़ है:
आर्थिक सुधार: मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना और विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित करना।
राजनयिक संबंध: भारत और अन्य पड़ोसी देशों के साथ संतुलन बनाना।
आंतरिक सुरक्षा: हालिया विरोध प्रदर्शनों के बाद समाज में आए ध्रुवीकरण को कम करना।