8वें केंद्रीय वेतन आयोग के बारे में सरकार ने लोकसभा में दी जानकारी, जानिए कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए क्या होगा अगला कदम?

​आयोग का गठन हुआ, लेकिन लागू होने की तारीख अभी तय नहीं; कर्मचारियों को जनवरी 2026 से लाभ मिलने की उम्मीद.
 
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8वें केंद्रीय वेतन आयोग: लोकसभा में क्या कहा गया?
​वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने हाल ही में लोकसभा में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission - 8th CPC) के संबंध में कई महत्वपूर्ण सवालों का जवाब दिया। उन्होंने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आयोग की वर्तमान स्थिति और अगले कदमों के बारे में जानकारी दी।
​आयोग का औपचारिक गठन और कार्यक्षेत्र (ToR):
​गठन की पुष्टि: मंत्री ने सदन को बताया कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन हो चुका है।
​कार्यक्षेत्र अधिसूचित: आयोग के कार्यक्षेत्र (Terms of Reference - ToR) को वित्त मंत्रालय के एक संकल्प (Resolution) के माध्यम से 3 नवंबर, 2025 को अधिसूचित कर दिया गया है।
​अध्यक्ष और सदस्य: आयोग की प्रमुख जस्टिस (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई हैं, जबकि प्रो. पुलक घोष अंशकालिक सदस्य और पंकज जैन सदस्य-सचिव हैं।
​लागू होने की तारीख पर अस्पष्टता:
​सरकार करेगी फैसला: लागू होने की तारीख को लेकर सबसे बड़ा सवाल बरकरार है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की तारीख का फैसला सरकार द्वारा बाद में किया जाएगा।
​कर्मचारियों की चिंता: 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारी संघों को उम्मीद थी कि नया आयोग 1 जनवरी, 2026 से लागू होगा। तारीख की अस्पष्टता ने कर्मचारियों के बीच अनिश्चितता पैदा कर दी है।
​सिफारिशों के लिए समयसीमा: आयोग को अपने गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें जमा करनी होंगी। यह समयसीमा रिपोर्ट जमा करने के लिए है, न कि लागू होने के लिए।
​कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर क्या होगा असर?
​लाभार्थियों की संख्या:
​सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 8वें वेतन आयोग के दायरे में 50.14 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 69 लाख पेंशनभोगी आएंगे।
​ये लाभार्थी विभिन्न सेवाओं और संस्थानों से जुड़े हैं, जिनमें अखिल भारतीय सेवाओं के कर्मी, रक्षा बलों के जवान, और केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी शामिल हैं।
​वेतन आयोग किन विषयों की जाँच करेगा?
​8वें वेतन आयोग का कार्यक्षेत्र (ToR) काफी व्यापक है। यह निम्नलिखित में बदलाव की जाँच करेगा और सिफारिशें देगा:
​वेतन (Pay)
​भत्ते (Allowances)
​पेंशन
​ग्रेच्युटी (Gratuity)
​बोनस
​और अन्य परिलब्धियाँ (Emoluments), चाहे वे नकद में हों या किसी और रूप में।
​महंगाई भत्ता (DA) और मूल वेतन का विलय:
​महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन (Basic Pay) में विलय करने के संबंध में भी सवाल किया गया था।
​सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में महंगाई भत्ते को मूल वेतन में विलय करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। DA/DR को हर 6 महीने में मुद्रास्फीति के प्रभाव को संतुलित करने के लिए संशोधित किया जाता है।
​अगला कदम और उम्मीदें
​पिछला चलन: भले ही लागू होने में देरी हो, पिछले वेतन आयोगों के रुझान को देखते हुए कर्मचारियों को यह उम्मीद है कि सिफारिशें पूर्वव्यापी (retrospectively) रूप से लागू की जाएंगी। इसका मतलब है कि यदि यह 1 जनवरी, 2026 से लागू होता है, तो कर्मचारियों को लागू होने की तारीख से बकाया (Arrears) राशि का भुगतान किया जाएगा।
​धन का प्रावधान: मंत्री ने सदन को यह भी आश्वासन दिया कि एक बार जब आयोग की सिफारिशें स्वीकार कर ली जाएंगी, तो उन्हें लागू करने के लिए पर्याप्त धन का प्रावधान किया जाएगा।

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